MUZAFFARPUR

इस बार 31, 51, 71 फीट की कांवड़, हर साल बढ़ती है 10 फीट लंबाई, जानिए दिलचस्प कहानी

भागलपुर : बिहार में बुधवार को पड़ाव संघ की 113वीं कांवड़ यात्रा भागलपुर जिले के कहलगांव स्थित उत्तरवाहिनी गंगा तट से शुरू हुई. कांवरियों ने कांवड़ में गंगाजल भरकर बाबा बासुकीनाथ धाम के लिए भजन-कीर्तन के साथ यात्रा शुरू की. हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से वातावरण गूंज उठा. शहरवासियों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया.

पड़ाव संघ की खास कांवड़ यात्रा

इस यात्रा का मुख्य आकर्षण 71, 51 और 31 फीट लंबी कांवड़ रही. हर साल ये कांवड़ 10 फीट बढ़ती रहती है. कांवड़ें रंग-बिरंगे फूलों, लाइटिंग और भगवान शिव तथा केदारनाथ की 3D छवियों से सजाई गई थीं. दस पीतल के कलशों में भरा गया गंगाजल करीब 500 किलो वजनी था.

शहर से गांव तक उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
कहलगांव शहर स्थित किला दुर्गा स्थान से शुरू हुई यात्रा में शहरवासियों के साथ ग्रामीण भी जुड़ते गए. श्रद्धालुओं ने कांवरियों को शरबत, पान और फल खिलाकर विदाई दी. बच्चे पांव छूकर आशीर्वाद लेते दिखे.
प्रथम पड़ाव
देर शाम यात्रा का पहला पड़ाव घोघा स्थित संत कुटी ब्रह्मचारी बाबा आश्रम में हुआ. सांसद अजय मंडल और उनके सहयोगियों ने कांवरियों का भव्य स्वागत किया.
सेवा, श्रद्धा और सुरक्षा का समर्पण
यात्रा में पड़ाव संघ की ओर से भोजन, घुमंतू सेवा, मेडिकल सेवा, फलाहार, चाय, शिकंजी जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं. नगर पंचायत द्वारा चलंत शौचालय, फॉगिंग मशीन और सफाईकर्मी भी उपलब्ध कराए गए हैं. डैमेज बम रेस्क्यू टीम हर समय सक्रिय रहेगी.

भक्ति से भरे पड़ाव और भंडारा सेवा प्रत्येक पड़ाव पर भव्य भंडारे और संध्या आरती होती है. सांसद अजय मंडल और शुभानंद मुकेश के नेतृत्व में भंडारों का आयोजन किया गया. करीब 20 हजार लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया. शरबत सेवा, चाय और नाश्ते की भी व्यवस्था रही.

भजन मंडलियों का मनोरंजन

यात्रा में विभिन्न जिलों से आए कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुति दी. जीतू जॉन, शुभम भास्कर, स्नेहा सरगम, आरोही झा, रिया सोनी, आदित्य रंजन, मनोज श्रमाही, सचिन राज आदि के भजनों पर कांवरिए झूमते नजर आए.

यात्रा की रूपरेखा और अंतिम पड़ाव

  • 16 जुलाई: किला दुर्गा स्थान से प्रारंभ
  • 16 जुलाई रात्रि: घोघा – संत कुटी ब्रह्मचारी बाबा आश्रम
  • 17 जुलाई दिन: सन्हौला – शिव मंदिर
  • 17 जुलाई रात्रि: धोरैया – ब्लॉक परिसर
  • 18 जुलाई दिन: पंजवारा – केनरा बैंक
  • 18 जुलाई रात्रि: बौंसी – मेला मैदान
  • 19 जुलाई दिन: शिव-पार्वती धाम (झारखंड सीमा से 3 किमी पूर्व)
  • 19 जुलाई रात्रि: दुमका कैंप – कुरमाहाट (हंसडीहा)
  • 20 जुलाई दिन: श्री श्याम सेवा संघ – गोड्डा कैंप (नोनीहाट)
  • 20 जुलाई रात्रि: दर्शनिया
  • 21 जुलाई (द्वितीय सोमवारी): बाबा बासुकीनाथ धाम में जलाभिषेक

संपूर्ण यात्रा: 115 किमी की भक्ति यात्रा कांवड़िए करीब 115 किमी की पैदल यात्रा तय कर तृतीय सोमवारी 5 अगस्त को बाबा बासुकीनाथ धाम पहुंचकर जलाभिषेक करेंगे. फिर अन्य पूजा-अर्चना कर घर लौटेंगे.

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