MUZAFFARPUR

बिहार पुलिस के लिए कमांडो तैयार करेगी सीआरपीएफ, यूपी में होगी 44 महीने तक ट्रेनिंग, इन आधुनिक हथियारों से लैस होंगे जवान

बिहार पुलिस के सिपाही अब सेना के कमांडो की तरह नजर आएंगे। इन सिपाहियों को सीरपीएफ द्वारा कमांडो  की ट्रेनिंग दी जाएगी। पहले बैट में 800 सिपाहियों को कमांडो की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। जिसके लिए बिहार सरकार और सीआरपीएफ प्रशासन सहमति बनी है।

बिहार पुलिस के सिलेबस भी पढ़ेंगे चूंकि ट्रेनिंग करने वाले युवा बिहार पुलिस के नवचयनित सिपाही हैं, इसलिए उन्हें पुलिस के सिलेबस भी पढ़ाए जाएंगे। इसलिए कि सीआरपीएफ और पुलिस के उद्देश्यों और कार्यों में अंतर है।

सीआरपीएफ का काम आंतरिक सुरक्षा, उग्रवाद, नक्सलवाद और आतंकवाद से निपटना है, जबकि पुलिस का जिम्मा कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराधों पर रोकथाम, अपराधियों को काबू करना होता है। सीआरपीएफ से प्रशिक्षित सिपाही बिहार पुलिस के विशेष बल के लिए मुफीद होंगे, जो आतंकवाद, संगठित अपराध से निबटने में सक्षम होंगे।

ट्रेनिंग की विशेष बातें

तनाव प्रबंधन और आत्म नियंत्रण कर सकेंगे।

इंसास राइफल, एके-47, कार्बाइन बेखौफ चलाएंगे।

जंगल युद्ध में माहिर होंगे।

दंगा नियंत्रण, आतंकवाद रोधी अभियान, वीआइपी सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और संचार में निपुण होंगे।

21 जुलाई से शुरू होगी ट्रेनिंग

चंदौली सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर के डीआईजी आरके सिंह   ने बताया कि  21 जुलाई से 44 सप्ताह की ट्रेनिंग शुरू होगी। ग्रुप सेंटर में इसकी मुकम्मल तैयारी है। पुलिस के सिलेबस पढ़ाने संग सीआरपीएफ जवान की तरह सिपाहियों को तराशेंगे। जिसमें अनुशासन, आतंकी और हिंसक गतिविधियों से निबटने के तौर-तरीके, फिजिकल फिटनेस, ड्रिल आदि महत्वपूर्ण होंगे।

 

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