हरियाणा के रोहतक जिले में बुधवार देर रात 12:46 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.3 मापी गई। यह सप्ताह के भीतर तीसरी बार है जब हरियाणा भूकंप का केंद्र बना है। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र रोहतक के भालौठ गांव के समीप था।

कई जिलों में महसूस हुए झटके
भूकंप के झटके रोहतक के अलावा आसपास के सांपला और खरखौदा जैसे कस्बों में भी महसूस किए गए। जहां लोगों ने 2 से 5 सेकंड तक कंपन का अनुभव किया। देर रात आए झटकों से घबराकर लोग घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, अब तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।

लोगों में दहशत का माहौल
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में यह लगातार तीसरा भूकंप है। जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। इससे पहले 11 जुलाई को हरियाणा के झज्जर जिले में 3.7 तीव्रता का भूकंप आया था। उससे एक दिन पहले 10 जुलाई को इसी क्षेत्र में 4.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। 10 जुलाई को झज्जर में दो मिनट के अंतराल में दो बार धरती हिली थी। पहला झटका सुबह 9:04 पर और दूसरा 9:06 बजे महसूस किया गया था।

लगातार महसूस हो रहे झटके
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक 10 जुलाई से अब तक रोहतक के 40 किलोमीटर के दायरे में 2.5 या उससे अधिक तीव्रता वाले चार भूकंप रिकॉर्ड किए जा चुके हैं। लगातार हो रही इस तरह की भूकंपीय गतिविधियों ने विशेषज्ञों और स्थानीय निवासियों को चिंतित कर दिया है।

दिल्ली-एनसीआर भूकंपीय ज़ोन-4 में
दिल्ली-एनसीआर को भूकंपीय क्षेत्र के जोन-4 में रखा गया है। जिसे ‘हाई डैमेज रिस्क ज़ोन’ माना जाता है। इस ज़ोन में मध्यम से लेकर तीव्र भूकंप आने की संभावना रहती है। हालिया घटनाएं यह संकेत देती हैं कि क्षेत्र में टेक्टॉनिक गतिविधियां सक्रिय हैं। जो बड़े भूकंप की आशंका को नकारती नहीं हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार आने वाले छोटे झटके कभी-कभी बड़े भूकंप का संकेत भी हो सकते हैं। इसलिए सतर्कता और जागरूकता बेहद ज़रूरी है। आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि भूकंप के समय घबराने के बजाय सुरक्षा उपायों का पालन करें और इमारतों की भूकंपरोधी जांच अवश्य कराएं।







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