MUZAFFARPUR

पटना मेट्रो के लिए अब दिल्ली मेट्रो करेगी सबसे बड़ा काम, जानिए क्या है प्रायोरिटी कॉरिडोर जिस पर नीतीश सरकार ने लिया फैसला

पटना : राजधानी पटना में सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करने में अहम मुकाम होने वाले पटना मेट्रो के लिए मंगलवार को बिहार कैबिनेट में बड़ा फैसला लिया गया. बिहार विधानसभा चुनाव के पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में पटना मेट्रो रेल परियोजना अंतर्गत प्रायोरिटी कॉरिडोर के 2 वर्ष 8 महीने की अवधि के रखरखाव कार्य के लिए 179.37 करोड रुपये दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड को देने की स्वीकृति दी गई है. साथ ही प्रायोरिटी कॉरिडोर के कार्यान्वयन हेतु 3-कार सिंगल ट्रेनसेट को किराये पर लेने हेतु 3 वर्षों की अवधि के लिए  21 करोड़ 15 लाख 44 हजार पर अनुमोदन प्रदान करते हुए इसके प्रबंधन की जिम्मेदारी दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड को दिये जाने की स्वीकृति दी गई.

नीतीश कैबिनेट ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए अगले पांच साल में 1 करोड़ नौकरी और रोजगार देने का निर्णय लिया है. इसे लेकर मंगलवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में मुहर लगाई गई. सीएम नीतीश की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया. इसके तहत श्रम संसाधन विभाग के तहत बिहार राज्य में आगामी 05 वर्ष (2025-30) की अवधि में 01 करोड़ नई नौकरी/रोजगार सृजन के लक्ष्य के निर्धारण को स्वीकृति दी गई.

बम निरोधक दस्ता को बड़ा लाभ 

वित्त विभाग से जुड़े एक अन्य फैसले में बम निरोधक दस्ता के कर्मियों को मूल वेतन का 30% प्रतिमाह जोखिम भत्ता जो अधिकतम 25 हजार रुपए होगा और इस पर महंगाई भत्ता देय नहीं होगा को स्वीकृति प्रदान की गई. ऊर्जा विभाग के तहत बिहार पम्प भंडारण परियोजना प्रोत्साहन नीति-2025 प्रारूप की स्वीकृति प्रदान की गई हैं. साथ ही गन्ना उद्योग विभाग  बिहार ईख सेवा (भर्ती एवं सेवा शर्तें) (संशोधन) नियमावली, 2025 की स्वीकृति भी बिहार कैबिनेट ने प्रदान की है.

भागलपुर-मुंगेर को गंगा पथ की सौगात

भागलपुर में गंगा पथ परियोजना को मंजूरी दी गई है। सुल्तानगंज-भागलपुर-सबोर के बीच 40.80 किलोमीटर लंबा पथ बनेगा। इसके लिए 4850 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। मुंगेर में गंगा पथ परियोजना को मंजूरी दी गई है। मुंगेर -बरियारपुर-घोरघट -सुल्तानगंज के बीच 42 किलोमीटर लंबा पथ बनेगा और इसके लिए 5120 करोड़ रुपए की स्वीकृत किए गए हैं।

बीएलओ को तोहफा 

बिहार कैबिनेट की बैठक में निर्वाचन विभाग से जुड़े एक महत्वपूर्ण फैसले में बीएलओ को तोहफा दिया गया है. इसके तहत बिहार में चल रहे निर्वाचक सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य हेतु राज्य के 77895 बी०एल०ओ० एवं 8245 बी०एल०ओ० सुपरवाईजर को उनके वार्षिक मानदेय के अतिरिक्त प्रत्येक को एकमुश्त मानदेय  छः हजार रूपये की दर से भुगतान हेतु कुल इक्यावन करोड़ अड़सठ लाख चालीस हजार रूपये  व्यय की स्वीकृति दी गई है.

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