पटना: रविवार यानी कि 13 जुलाई को वज्रपात ने बिहार के विभिन्न जिलों में तां’डव मचाया. ठनका गि’रने से 9 लोगों की मौ’त हो गई, जबकि कई लोग झुलस गए. मृ’तकों में 14 साल की बच्ची से लेकर 60 साल के बुजुर्ग तक शामिल हैं.


बांका में 4 की मौत
बांका जिले में रविवार दोपहर आई तेज बारिश के साथ हुए भीषण वज्रपात ने कहर बरपाया. अलग-अलग थाना क्षेत्रों में वज्रपात की चपेट में आकर चार की जान चली गई, जबकि तीन घायल हो गए और जन-धन की भारी क्षति हुई है.

इन चार की गई जान
फुल्लिडुमार थाना क्षेत्र के मुरलीवरण गांव में कांग्रेस राय की पत्नी सुलेखा देवी खेत में मेड़ बनाने गई थी. बारिश के दौरान अचानक वज्रपात की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई. इसी प्रकार, धोरेया गांव में खेत में रोपनी कर रही महिला विशेखा देवी की भी वज्रपात से मौत हो गई.अमरपुर प्रखंड के बाजा गांव में 50 वर्षीय अनिल यादव ब्रहमोतर बहियार में धान का बिचड़ा डालने गए थे. इसी दौरान तेज गर्जना के साथ वज्रपात हुआ और उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई. वहीं एक 12 की बच्ची की भी ठनका गिरने से मौत हो गई है.

मवेशी की भी मौत
बेलहर के बकरार गांव में सिकंदर पंडित वज्रपात से गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें तत्काल बांका रेफर किया गया. वहीं, बेलहर के चंपातरी गांव में वज्रपात से एक गाय की मौत हो गई.

गया में 3 की मौत
रविवार शाम को गया जिले के बाराचट्टी प्रखंड के सूरजमंडल क्षेत्र में बाइक सवार तीन युवकों पर बिजली मौत बनकर गिरी. इस हादसे में अंकित और विकेश कुमार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि वकील मांझी गंभीर रूप से झुलस गया. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इसके अलावा मोहड़ा प्रखंड में मवेशी चराने गए पशुपालक रूपलाल यादव की भी ठनका ने जान ले ली.

नालंदा में 1 की मौत
नालंदा जिले के नूरसराय में खेत में काम कर रहे किसान की ठनका गिरने से मौत हो गई. किसान की पहचान किशोर प्रसाद (60 वर्ष) के रूप में की गई है.

वैशाली में बच्ची की मौत
वैशाली जिले के बिदुपुर थाना क्षेत्र के चकमसूद गांव में रविवार की दोपहर में ठनका गिरने से एक बच्ची की मौत हो गई. बच्ची की पहचान दिनेश साह की 14 वर्षीय बेटी मुस्कान कुमारी के रूप में हुई है. जबकि, दूसरी बच्ची गंभीर रूप से झुलस गयी. उसे बिदुपुर सीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया.

सैकड़ों लोगों की मौत
बिहार में 7 साल में अब तक सैकड़ों लोगों की मौत वज्रपात के कारण हो चुकी है. सबसे ज्यादा साल 2020 में 435 लोगों की मौत हुई थी. साल 2024 में अब तक 50 लोगों की मौत हो चुकी है. ज्यादा मौतें किसानों की हुई है. खेत में काम करने के दौरान वज्रपात की चपेट में आ जाते हैं.

कैसे करें बचाव
मौसम विभाग वज्रपात को लेकर हमेशा अलर्ट जारी करता है. ऐसे में सावधानी बरतना जरूरी है. मौसम बिहार आपदा विभाग कहता है कि खराब मौसम के दौरान घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए. वज्रपात के दौरान बिजली और टेलीफोन के खंभे या पेड़ के नीचे नहीं रहना चाहिए. बिजली उपकरणों जैसे मोबाइल टीवी आदि से दूर रहें.
वज्रपात से बचने के उपाय
वज्रपात से बचने के उपाय हैं कि लोगों को जागरूक होना पड़ेगा. बिजली वाले इलाकों को चिह्नित करें. इलाकों में लाइटनिंग अरेस्टर लगाने की जरूरत है. ताड़ और अन्य लंबे पेड़ लगाना चाहिए. इससे वज्रपात की संभावना कम होती है.



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