पटना: पिछले कुछ महीनों से बिहार में आपराधिक घटनाओं में इजाफा हुआ है. राजधानी पटना में कारोबारी गोपाल खेमका और बालू व्यवसायी रमाकांत यादव की हत्या ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं.

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अगुवाई में महागठबंधन तो हमलावर था ही, अब एनडीए के सहयोगी ही सवाल उठा रहे हैं. केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष रामविलास पासवान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पूछा है कि आखिर बिहारी कितनी और हत्याओं की भेंट चढ़ेंगे?

बिहार पुलिस की जिम्मेदारी क्या है?
पिछले कुछ समय से बिहार की राजनीति में अति सक्रिय दिख रहे एलजेपीआर चीफ चिराग पासवान ने एक्स हैंडल पर लिखा, ‘बिहारी अब और कितनी हत्याओं की भेंट चढ़ेंगे? समझ से परे हैं कि बिहार पुलिस की जिम्मेदारी क्या है?’

पुलिस के बहाने नीतीश सरकार पर निशाना?
चिराग पासवान ने भले ही अपने पोस्ट में बिहार पुलिस की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए हैं लेकिन माना जा रहा है कि उनके निशाने पर राज्य की नीतीश सरकार भी है. असल में चिराग लगातार आपराधिक घटनाओं के बाद गाहे-बगाहे कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते रहते हैं. अपनी रैली और पत्रकारों से बातचीत के दौरान वह कई बार कई चुके हैं कि कानून-व्यवस्था की जो हालत है, वह वाकई चिंताजनक है.

‘ध्वस्त हो चुकी है कानून-व्यवस्था’
पिछले दिनों बिहारशरीफ में हिमांशु पासवान और अनु कुमार की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी. इस घटना पर भी चिराग पासवान ने अपनी नाराजगी जताई थी.

उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा था, ‘यह जघन्य घटना न केवल मानवता को झकझोरती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. प्रदेश ने अपराध चरम पर है. मुख्यमंत्री के गृह जिले में अपराधियों द्वारा ऐसी घटना को अंजाम देना ये स्पष्ट दर्शाता है कि अपराधियों का मनोबल चरम पर है.

बिहार में बढ़ा है अपराध’
पटना में कारोबारी गोपाल खेमका की हत्या पर भी चिराग ने खासी नाराजगी जाहिर की थी. उन्होंने कहा था कि जिस तरह से बिहार में अपराध बढ़ा है और कानून-व्यवस्था जिस तरह से ध्वस्त हुई है, यह चिंता का विषय है.

ऐसी जगह पर व्यापारी की हत्या कर दी गई, जो पटना का एक पॉश इलाका है. 100 मीटर की दूरी पर जहां थाना है और अधिकारियों के घर हैं. यदि यहां पर ऐसी घटना घट रही है तो सोचिए गांव-देहात में क्या हो रहा होगा?




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