मसौढ़ी : पटना-गया रेल खंड के मसौढ़ी कोर्ट हॉल्ट रेलवे स्टेशन पर इन दिनों यात्री सुविधा से अधिक मवेशियों की सुविधा नजर आती है. यह प्लेटफार्म मवेशियों के लिए चारागाह स्थल बन चुका है. जहां आमतौर पर यात्री बैठते हैं, वहां अब गाय-भैंस बंधे नजर आते हैं. कई जगहों पर प्लास्टिक के बर्तनों में भूसा और चारा खिलाया जा रहा है.

रेलवे प्लेटफॉर्म बना तबेला
मसौढ़ी कोर्ट हॉल्ट तबेले में तब्दील हो चुका है. यहां आने वाले यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. प्लेटफार्म पर मवेशियों के मल-मूत्र और गोबर के कारण गंदगी का अंबार लगा है जिससे यात्री उतरते समय असहज महसूस करते हैं.

मॉर्निंग वॉक करने वालों को भी परेशानी
सुबह-सुबह मॉर्निंग वॉक करने आने वाले लोगों को भी कई तरह की फजीहत झेलनी पड़ती है. मवेशियों की वजह से प्लेटफार्म पर चलना भी मुश्किल हो जाता है.

प्लेटफार्म पर उपले सुखाने की भी व्यवस्था
स्थानीय लोगों के अनुसार, मवेशियों को प्लेटफार्म पर ही बांधा जाता है और वहीं चारा भी खिलाया जाता है. यहां तक कि गोबर से उपले भी प्लेटफार्म पर ही सुखाए जा रहे हैं. यह नजारा रेलवे प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है.

रेलवे नियमों की खुली अवहेलना
रेलवे के नियमों के अनुसार प्लेटफॉर्म पर मवेशी बांधना पूरी तरह से प्रतिबंधित है. यह न केवल गैरकानूनी है बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा है. खासकर भीड़भाड़ वाले समय में यह और भी खतरनाक हो सकता है.

प्रशासनिक उदासीनता बनी समस्या की जड़
रेलवे प्रशासन और स्थानीय पुलिस की लापरवाही के कारण मसौढ़ी कोर्ट हॉल्ट बदइंतजामी का शिकार हो गया है. यात्रियों के लिए न्यूनतम सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं. यह स्थिति प्रशासन के लिए एक आईना है, जो यह दिखा रहा है कि रेलवे स्टेशनों पर निगरानी और देखरेख कितनी कमजोर है.






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