MUZAFFARPUR

JDU के बाद BJP ने भी अपने कार्यालय में लगाया पोस्टर, ‘हम साथ-साथ हैं’

पटना: बिहार की सियासत में गठबंधन की ताकत अब पोस्टरों के जरिए दिखने लगी है. जेडीयू और बीजेपी के बीच एकजुटता का नया संदेश तब सामने आया जब पहले जदयू कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की संयुक्त तस्वीर लगाई गई.

अब इसी राह पर आगे बढ़ते हुए बीजेपी प्रदेश कार्यालय में भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जगह दी गई है. विपक्ष के सवालों पर तंज का जवाब देने के लिए बीजेपी ने यह राजनीतिक मास्टर स्ट्रोक चल दिया है.

बीजेपी कार्यालय में लगा पोस्टर

बीजेपी कार्यालय में लगाए गए नए बैनरों में लिखा गया है “सोच दमदार, काम असरदार, फिर एक बार एनडीए सरकार”. इन पोस्टरों में प्रधानमंत्री मोदी के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर साफ तौर पर गठबंधन की मजबूती का संकेत देती है. इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार में एनडीए के भीतर समीकरणों और सियासी रणनीति को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है.

दलों के बीच तालमेल का संदेश

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम एनडीए घटक दलों के बीच तालमेल और मतदाताओं को एक सकारात्मक संदेश देने की कोशिश है. पोस्टरों से यह बताने की कोशिश हो रही है कि बीजेपी और जेडीयू एक बार फिर मिलकर बिहार की सत्ता में वापसी को तैयार हैं.

एनडीए में ये हैं दल

बता दें कि बिहार एनडीए में बीजेपी, जेडीयू, चिराग की लोजपा (रामविलास), जीतन राम मांझी की हम और उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएम दल शामिल हैं. इन दलों ने लोकसभा चुनाव 2024 में जदयू ने 17, बीजेपी ने 16, लोजपा ने 5 और हम-आरएलएम ने 1-1 सीटों पर चुनाव लड़ा था. अब इसी आधार पर माना जा रहा है कि एनडीए में सीट बंटवारा भी विधानसभा चुनाव के लिए हो सकता है.

क्या सहयोगी दलों के कार्यालय में लगेगा पोस्टर

हालांकि, सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या एनडीए के अन्य घटक दलों जैसे लोजपा (रामविलास), हम और आरएलएम के कार्यालयों में भी नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की संयुक्त तस्वीर लगाई जाएंगी? यदि ऐसा होता है, तो यह एनडीए की परिपक्व एकता का संकेत होगा. नहीं होने पर गठबंधन में अंतर्निहित मतभेद भी सतह पर आ सकते हैं.

बिहार में चुनाव कब होंगे?: बिहार की वर्तमान यानी नीतीश सरकार का कार्यकाल 23 नवंबर 2020 से शुरू हुआ था. नीतीश सरकार का कार्यकाल इस साल यानी 2025 में 22 नवंबर तक है.

जाहिर है कि इससे पहले चुनाव होंगे. माना जा रहा है कि सितंबर से अक्टूबर के बीच आचार संहिता लग जाएगी. माना ये भी जा रहा है कि अक्टूबर से नवंबर के शुरुआती हफ्ते के बीच वोटिंग और मतों की गिनती संपन्न कराई जा सकती है.

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