समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिले के उजियारपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से लगभग दो महीने पहले लापता हुई 17 वर्षीय किशोरी को पुलिस ने पंजाब के अमृतसर से बरामद किया है. किशोरी को उसके ही प्रेमी ने प्रेम जाल में फंसाकर एक अधेड़ शख्स को लाखों रुपये में बेच दिया था. समस्तीपुर पुलिस ने इस मामले में शामिल आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है.

शादीशुदा प्रेमी ने प्रेम जाल में फंसाया
बताया जा रहा है कि इस किशोरी को पास के गांव के ही एक शादीशुदा युवक ने अपने प्रेम जाल में फंसाया था. उसने किशोरी को शादी और बेहतर भविष्य के सपने दिखाकर उसका विश्वास जीता, इसके बाद वह उसे लेकर गांव से फरार हो गया. इस घटना के बाद किशोरी की मां ने स्थानीय थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई.

पंजाब में लापता किशोरी
शिकायत मिलने के बाद समस्तीपुर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की. करीब दो महीने की तफ्तीश के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि किशोरी को पंजाब के अमृतसर में देखा गया है. पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम गठित की और अमृतसर पहुंचकर किशोरी को बरामद कर लिया. इस ऑपरेशन में पुलिस ने मुख्य आरोपी शादीशुदा युवक के साथ-साथ अन्य संलिप्त लोगों को भी हिरासत में लिया है.

1.20 लाख रुपये में हुआ सौदा
दलसिंगसराय के डीएसपी विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि मुख्य आरोपी ने किशोरी को प्रेम जाल में फंसाने के बाद उसे उत्तर प्रदेश के बडौत शहर ले गया. वहां उसकी मुलाकात एक अधेड़ शख्स से हुई, जिसकी पत्नी नहीं थी. आरोपी ने किशोरी को 1.20 लाख रुपये में उस अधेड़ को बेच दिया और वहां से फरार हो गया.

किशोरी से अधेड़ ने की शादी
पुलिस के अनुसार, किशोरी को खरीदने के बाद अधेड़ शख्स उसे अमृतसर ले गया, जहां उसने किशोरी से शादी कर ली और दोनों पति-पत्नी की तरह रहने लगे. किशोरी की स्थिति का पता चलने के बाद पुलिस ने अधेड़ शख्स को भी गिरफ्तार कर लिया है. डीएसपी विवेक कुमार ने बताया कि इस मामले में मानव तस्करी और नाबालिग के साथ दुराचार जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं, जिनकी जांच की जा रही है.

शादीशुदा प्रेमी और अधेड़ पति गिरफ्तार
वहीं डीएसपी विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी शादीशुदा युवक को गिरफ्तार कर लिया है. उसके बयान के आधार पर ही किशोरी की बरामदगी संभव हो सकी. इसके साथ ही अधेड़ शख्स और इस मामले में शामिल अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है.

समाज में जागरूकता की जरूरत
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा और मानव तस्करी जैसे अपराधों को उजागर किया है. एनसीआरबी डेटा के अनुसार बिहार में मानव तस्करी का मुख्य उद्देश्य अंगों को निकालना, शादी, गरीबी, जबरन श्रम और यौन शोषण हैं. एनसीआरबी के द्वारा 2022 के दौरान राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के AHTU द्वारा मानव तस्करी के 2,250 मामले दर्ज किए गए हैं.




Leave a Reply