पटना: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य पर बिहार सरकार को घेरा और चुनाव आयोग से सवाल पूछा.

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य का पार्टी विरोध करेगी, इसके बाद भी, अगर चुनाव आयोग उनकी मांग पर विचार नहीं करता है, तो अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे.

‘चुनाव आयोग नहीं माना तो कोर्ट जाएंगे’
रविवार को पटना के सदाकत आश्रम में कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव से भी मुलाकात की और इस मामले पर इंडिया गठबंधन की बैठक बुलाने की मांग रखी.

दिग्विजय सिंह ने कहा कि बैठक के बाद एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिलकर अपनी बात रखेगा. उन्होंने चुनाव आयोग की मंशा पर सवाल उठाए और कहा कि अगर चुनाव आयोग नहीं माना तो सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.

बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर दिग्विजय सिंह के सवाल
इतना ही कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलने की कोशिश की. उन्होंने बिहार सरकार की शिक्षा नीति पर सवाल खड़े किए.

दिग्विजय सिंह ने कहा कि एक वक्त था, जब बिहार की शिक्षा का परचम पूरे विश्व में लहराता था. नालंदा विश्वविद्यालय हो या विक्रमशिला विश्वविद्यालय, यहां तिब्बत, चीन, जापान, कोरिया, सुमात्रा और मंगोलिया सहित कई देशों से विद्यार्थी शिक्षा लेने आते थे.

स्कूलों में न बिजली न कंप्यूटर, कैसे पढ़ेंगे बच्चे? : कांग्रेस सांसद ने, केंद्र की मोदी सरकार की स्कूली शिक्षा पर UDISE 2023–24 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि, सरकारी स्कूलों की बदहाली और ड्रॉप आउट रेट देश में सबसे ज्यादा यहां है. बिहार में न स्कूलों में बिजली है, न शिक्षक, न कंप्यूटर और न ही लाइब्रेरी है.





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