MUZAFFARPUR

मुकेश सहनी के बाद अब CPI ने दी तेजस्वी को टेंशन, डी राजा ने की इतने सीटों की मांग

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में कुछ महीने बचे हैं और अब राजनीतिक दलों में सीट बंटवारे को लेकर गतिविधि तेज हो गई है. इंडिया गठबंधन की चौथी मीटिंग 12 जून को थी, लेकिन उससे ठीक दो दिन पहले 10 जून को वीआईपी चीफ मुकेश सहनी ने 60 सीटों की मांग करके तेजस्वी यादव की टेंशन बढ़ा दी थी.

अब सीटों के बंटवारे को लेकर बुधवार को तेजस्वी यादव से CPI के राष्ट्रीय महासचिव डी राजा ने मुलाकात की. मुलाकात के दौरान बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सीट बंटवारे पर चर्चा हुई.

सीपीआई नेता की तेजस्वी से मुलाकात

बिहार में इंडिया गठबंधन के संयोजक तेजस्वी यादव बनाये गए हैं. बिहार विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन के घटक दलों की चार दौर की बैठक हो चुकी है, लेकिन अभी तक सीटों को लेकर सहमति नहीं बन पाई है.

बुधवार को सीपीआई के राष्ट्रीय महासचिव डी राजा, राज्य सचिव रामनरेश पांडेय, राज्य सचिव मंडल सदस्य संजय कुमार, ओमप्रकाश नारायण और अवधेश कुमार राय की तेजस्वी प्रसाद यादव से उनके सरकारी आवास एक पोलो रोड पर मुलाकात हुई.

दो दर्जन सीट की डिमांड

CPI के एक वरिष्ठ नेता ने नाम ना बताने के शर्त पर जानकारी दी है कि बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने दो दर्जन के करीब सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है. भाकपा की ओर से जिन दो दर्जन से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने की दावेदारी की है, उसमें तेघड़ा, बखरी, बछवाड़ा, हरलाखी, झंझारपुर, रूपौली, फुलवारीशरीफ, डुमरांव, गोह, बांका, बेलदौर, केसरिया, चनपटिया, मोतिहारी, जाले, बारिसनगर,सिकन्दरा, खजौली और करगहर शामिल है.

डी राजा ने किया पोस्ट

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डी राजा पार्टी के नेताओं के साथ तेजस्वी यादव के मुलाकात की तस्वीर पोस्ट की है. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है कि तेजस्वी यादव से बिहार के नेताओं के साथ मुलाकात हुई. बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा और वर्तमान में राष्ट्रीय राजनीति पर भी चर्चा हुई है.

2020 चुनाव में महागठबंधन का सीट शेयरिंग फार्मूला

2020 बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में राजद, कांग्रेस सीपीआई, सीपीएम और सीपीआईएमएल ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. 243 सीटों के बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के घटक दलों के बीच जो सीट सेटिंग का फार्मूला तय हुआ उसमें आरजेडी 144 सीटों पर, कांग्रेस 70 सीटें, सीपीएम 4 , सीपीआई 6, सीपीआई माले को 19 सीटें मिली थी.

2025 को लेकर सीट फार्मूला तय नहीं: 2025 में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन में अभी तक सीटों के बंटवारा पर सहमति नहीं बन पाई है. कांग्रेस 70 सीट, मुकेश सहनी की पार्टी VIP 60 सीट, सीपीआईएमएल 40 सीट पर पहले ही दावेदारी कर चुकी है और अब सीपीआई की ओर से लगभग दो दर्जन सीट की डिमांड की गई है.

2020 में लेफ्ट पार्टियों को मिला फायदा

बिहार में तीन प्रमुख लेफ्ट पार्टी सक्रिय हैं, जिनमें भाकपा (माले), भाकपा और माकपा. 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में इन पार्टियों ने 29 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें 16 सीटों पर जीत मिली.भाकपा (माले) को 12 (+9), भाकपा को 2 (+2), जबकि माकपा को 2 (+2) सीटें. 2015 के चुनाव में सिर्फ 3 सीटों से संतोष करना पड़ा था.

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