गया: बोधगया में आसमान से बरसी आफत ने जमीन पर तबाही मचा दी है. लगातार हुई भारी बारिश और नदी के उफान ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. मुहाने नदी का जलस्तर बढ़ने से दर्जनों गांव पानी में डूब गए हैं, जिनमें सबसे ज़्यादा असर महादलित समुदाय पर पड़ा है. सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं और फसलें तबाह हो चुकी हैं. प्रशासन ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं, लेकिन संकट की इस घड़ी में लोग अब भी मदद के इंतजार में हैं.

बोधगया के कई गांवों में पानी घुसा: आपदा से विशेष रूप से महादलित आबादी वाले गांव प्रभावित हुए हैं. पानी भरने की वजह से करीब 150 लोगों को रात स्कूलों में शरण लेनी पड़ी जहां अस्थायी राहत केंद्र बनाए गए हैं. प्राकृतिक आपदा की इस घटना में करीब 100 एकड़ कृषि भूमि पर खड़ी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है.

डीएम ने लिया जायजा
गांव में पानी घुसने की सूचना मिलने के बाद जिला पदाधिकारी के आदेश पर पहले अंचल अधिकारी, बीडीओ बोधगया, सदर एसडीओ समेत कई अधिकारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं, प्रशासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था भी की जा रही है, शुक्रवार की शाम को जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने भी पहुंचकर नदी और गांव का निरीक्षण किया है और अधिकारियों को नजर रखने का आदेश दिया है. प्रशासन द्वारा नावों और राहत सामग्री की व्यवस्था की जा रही है. वहीं प्रभावित परिवारों को भोजन और पीने का पानी मुहैया कराया जा रहा है.

150 लोगों ने स्कूल में बीतेगी रात
पंचायत के उप मुखिया मनोरंजन प्रसाद ने बताया कि पानी से तीन गांवों के महादलित टोले प्रभावित हुए थे. इन में गोंगडिया , बतसपुर, छाछ गांव हैं. गोंगडिया 100 घर की आबादी है जिस में महादलित टोले में पानी घुसा था. इसी तरह बतसपुर के 50 घर और छाछ गांव के खेत में पानी घुसा था.

100 एकड़ फसल बर्बाद
तीनों गांवों को मिला कर लगभग 100 एकड़ भूमि पर लगी फसल जिन में मूंग और हरि सब्जी पूरी तरह से नष्ट हो गई है. जबकि महादलित टोले के लोगों को उनके द्वारा गांव से निकाल कर गोंगडिया के स्कूल में ठहराया गया था.

बांध के कारण गांव में घुसा पानी
गांव के लोगों ने बताया कि हर साल इन गांवों में पानी घुस जाता है इसका एक कारण बतसपुर डैम भी है. पंचायत के उप मुखिया मनोरंजन प्रसाद बताते हैं कि इस डैम की दीवार की लंबाई को बढ़ाना और ऊंचा करना था, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण आज तक यह कार्य नहीं हो सका. इसी वर्ष फरवरी महीने में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बतसपुर डैम का उद्घाटन किया था. पानी इतना डैम का बढ़ा है कि खेल मैदान भी डूब गया.

डीएम की अपील
जिला पदाधिकारी ने आम लोगों से अपील की है कि नदी किनारे तथा निचले इलाकों में रहने वाले लोग सतर्क रहें एवं जानमाल की सुरक्षा हेतु नदियों या इन नदियों से निकलने वाली आहर,नहर,पइन के किनारे पर नहीं जाएं, साथ ही बच्चों एवं पशुओं को विशेषतः नदियों से दूर रखें.

किसी भी परिस्थिति में नदियों के शुरुआती पानी की अवस्था को देखते हुए नहाने या तैरने नहीं जाएं क्योंकि पानी के ऊपर से बढ़ने के दौरान जलस्तर में लगातार वृद्धि होते रहती है.





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