मुजफ्फरपुर: बिहार के स्वास्थ्य तंत्र पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। जदयू के जिला प्रवक्ता राकेश कुमार सिन्हा की असमय मौत को लेकर उनके परिजनों ने मुजफ्फरपुर के उर्मिला हॉस्पिटल पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों की अनदेखी के कारण राकेश सिन्हा की जान गई।

वहीं उर्मिला हॉस्पिटल के डॉ अनिल कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता कर स्थिति स्पष्ट की। डॉक्टर ने कहा कि मरीज को अस्पताल लाने के वक्त से ही उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी।


अस्पताल प्रशासन ने पूरी गंभीरता के साथ इलाज किया, समय पर मेडिकल सपोर्ट भी उपलब्ध कराया और सभी जरूरी मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन किया गया। आगे अगर ऐसी कोई स्थिति आई तो जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग या प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत भी किया जा सकता है।


स्वास्थ्य तंत्र पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर बिहार के निजी अस्पतालों के स्वास्थ्य तंत्र और इलाज की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

परिजनों के आक्रोश के बाद स्थानीय नेताओं और सामाजिक संगठनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कई लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की बातें केवल कागजों तक ही सिमट कर रह गई हैं।

जांच की मांग
इस बीच राकेश सिन्हा के परिजनों और जदयू नेताओं ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।

परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। वहीं, प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।

समाज में शोक की लहर
राकेश कुमार सिन्हा की असमय मृत्यु की खबर से राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

जिले के कई जनप्रतिनिधियों, पार्टी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।





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