गया: बिहार के गया जिले के वजीरगंज प्रखंड अंतर्गत कढौना गांव के एक साधारण किसान परिवार के बेटे लक्की कुमार ने महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के दीक्षांत समारोह में शीर्ष स्थान प्राप्त कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे बिहार का नाम रौशन किया है.

लक्की के पिता विनोद सिंह एक साधारण किसान हैं, जबकि उनकी माता एक गृहिणी हैं. इस उपलब्धि से कढौना गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है.

माता-पिता की मौजूदगी में मिला सम्मान
लक्की ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता पर गर्व जताते हुए कहा कि, मेरे लिए ये गर्व का क्षण है कि मैंने अपने माता-पिता की मौजूदगी में यह उपलब्धि हासिल की.

एनडीए की कठिन ट्रेनिंग ने मुझे अनुशासन, परिश्रम और नेतृत्व के गुण सिखाए. ये मेरे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अनुभव रहा, जिसने मुझे एक किशोर से परिपक्व व्यक्ति बनाया. उन्होंने बताया कि उनके बड़े भाई ने उन्हें एनडीए के बारे में प्रेरित किया और इस क्षेत्र में कदम रखने के लिए प्रोत्साहित किया.

इंजीनियरिंग की तैयारी ने बनाया रास्ता आसान
लक्की ने बताया कि वो पहले से ही इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे थे, जिसके कारण एनडीए की प्रवेश परीक्षा को पास करना उनके लिए अपेक्षाकृत आसान रहा. उन्होंने कहा, इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान मैंने जो अनुशासन और मेहनत सीखी, उसने मुझे एनडीए की कठिन परीक्षा और ट्रेनिंग में मदद की.

तीन साल की कठिन ट्रेनिंग के दौरान लक्की ने न केवल शारीरिक और मानसिक रूप से खुद को मजबूत किया, बल्कि दोस्ती, अनुशासन और नेतृत्व जैसे मूल्यों को भी आत्मसात किया.

परिवार और गांव में खुशी का माहौल
लक्की के चाचा मनोज सिंह ने गर्व के साथ कहा, मेरे भतीजे ने एनडीए में टॉप करके पूरे परिवार और कढौना गांव का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है. ये पूरे गांव के लिए गर्व का पल है.

लक्की की इस उपलब्धि की खबर जैसे ही कढौना गांव पहुंची, वहां उत्साह और खुशी की लहर दौड़ गई. गांव वासियों ने लक्की की मेहनत और लगन की जमकर तारीफ की.

साधारण परिवार से असाधारण उपलब्धि: लक्की का परिवार आर्थिक रूप से साधारण है, लेकिन उनकी इस उपलब्धि ने साबित कर दिया कि मेहनत और लगन के सामने कोई बाधा टिक नहीं सकती.

कढौना जैसे सुदूरवर्ती गांव से निकलकर देश की सबसे प्रतिष्ठित रक्षा अकादमी में शीर्ष स्थान प्राप्त करना लक्की की प्रतिभा और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है.




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