पटना: बिहार में इन दोनों वोट बैंक की सियासत चल रही है. जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर भी जंग के मैदान में मुस्तैदी से डटे हुए हैं. वह जातिगत आधार पर वोट बैंक को साधने की प्लानिंग बना रहे हैं.

इसी बीच वह अचानक बीजेपी के बड़े नेता और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को कटघरे में खड़े करने की कोशिश कर रहे हैं. रोज स्वास्थ्य विभाग का वीडियो जारी कर स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलने में जुटे हैं.

मंगल पांडे ने प्रशांत किशोर को दिखाया था आईना: दरअसल प्रशांत किशोर से जब पत्रकारों ने पिछले दिनों स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को लेकर सवाल पूछा था तो प्रशांत किशोर ने कहा था कि कौन हैं मंगल पांडे? मैं नहीं जानता हूं. प्रशांत किशोर का बयान स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे को नागवार गुजरा और उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर प्रशांत किशोर पर हमला बोला था.

मंगल पांडेय ने पोस्ट में क्या लिखा?
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने लिखा, ‘प्रशांत किशोर जी हां covid के समय मैं बिहार का स्वास्थ्य मंत्री था और मैं पूरी तन्मयता से बिहार में रहकर बिहार के लोगों की सेवा करने का प्रयास कर रहा था.

लेकिन मैं आपको याद दिला दूं कि आप उस समय करोड़ों-अरबों कमाने के लिए ममता बनर्जी के प्रचार में जुटे हुए थे और जहां तक मुझे याद है, आपने एक ऑक्सीजन का सिलेंडर तक नहीं भिजवाया था.’

जवाब में पीके ने क्या किया?
मंगल पांडेय के पोस्ट पर प्रशांत किशोर बिफर पड़े और स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलने में जुट गए. उन्होंने सबसे पहले स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के गांव के पीएचसी का वीडियो जारी किया और स्वास्थ्य व्यवस्था को दिखाने की कोशिश की.

उसके बाद प्रशांत किशोर चरणबद्ध तरीके से स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलने में जुटे हैं. हर रोज वीडियो जारी कर स्वास्थ्य मंत्री को कटघरे में खड़े करने की कोशिश कर रहे हैं.

भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने पीके पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रशांत किशोर ने 2005 से पहले का बिहार नहीं देखा है. उस समय कैसी स्वास्थ्य व्यवस्था थी, यह बिहार के लोग जानते हैं. उन्होंने कहा कि 20 साल बाद बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था कैसी है, यह भी दुनिया देख रही है.

क्या है पीके की रणनीति?
इस बारे में वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक सुनील पांडे का कहना है कि प्रशांत किशोर मीडिया की सुर्खियां बटोरना चाहते हैं.

इस वजह से उन्होंने भाजपा के एक बड़े नेता को टारगेट किया है. बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार हुआ है, इससे कोई इनकार नहीं कर सकता लेकिन इतनी बड़ी व्यवस्था है कि उसे फुल प्रूफ करने का दावा भी नहीं किया जा सकता.



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