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पटना एम्स के डॉक्टर कोरोना संक्रमित, मरीजों की संख्या 3, बिहार सरकार ने सिविल सर्जन को किया अलर्ट

पटना: बिहार के पटना एम्स के डॉक्टर कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. इस तरह नए मरीजों की संख्या तीन हो गयी है. इसको लेकर बिहार के सरकारी अस्पताल में अलर्ट जारी कर दिया गया है. बिहार स्वास्थ्य विभाग लगातार अस्पतालों की मॉनिटरिंग कर रहा है.

हाई लेवल बैठक

बिहार सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सोमवार को एक हाई लेवल बैठक की.

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी जिलों के सिविल सर्जन, मेडिकल अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा की और कोविड प्रबंधन को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किये. बैठक में संक्रमण की वर्तमान स्थिति, स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, और संसाधनों की आपूर्ति पर विस्तृत चर्चा की गई.

नए वेरिएंट की राष्ट्रीय स्थिति: भारत में कोविड-19 के दो नए सब-वेरिएंट NB.1.8.1 के तमिलनाडु में और LF.7 के गुजरात में चार मामले सामने आए हैं. हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इन्हें अभी तक ‘चिंताजनक’ नहीं, बल्कि ‘निगरानी वाले वेरिएंट’ की श्रेणी में रखा है.

क्या है लक्षण?

इन वेरिएंट्स से संक्रमित मरीजों में अधिकतर हल्के लक्षण देखे गए हैं, जैसे बुखार, खांसी और थकान. देश के 20 से अधिक राज्यों और शहरों जैसे मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, केरल, कर्नाटक आदि में मामले बढ़े हैं, बिहार में भी दो मामले मिले हैं.

बिहार में तैयारियों की स्थिति

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी जिलों को जांच किट, मास्क, दवाएं, ऑक्सीजन सिलिंडर, वेंटिलेटर और अन्य उपकरणों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. अस्पतालों में आईसीयू बेड्स और ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.

संदिग्ध मामलों की पहचान करें

सिविल सर्जनों को संदिग्ध मामलों की पहचान, सक्रिय सर्विलांस और त्वरित जांच पर जोर देने को कहा इसके अलावा इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षणों (आईएलआई) वाले 5% मरीजों और सभी गंभीर श्वसन रोगियों (एसएआरआई) की कोविड जांच की बात कही गई है

लोगों को घबराने की जरूरत नहीं

बिहार के वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर दिवाकर तेजस्वी ने कहा कि अभी के समय लोगों को अनावश्यक घबराहट से बचने की जरूरत है.

इसके साथ ही मास्क पहनने, हाथ धोने जैसे बुनियादी उपायों का पालन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि JN.1 वेरिएंट ओमिक्रॉन का सब वेरिएंट है और यह अत्यधिक संक्रामक होने के बावजूद गंभीरता कम पैदा करता है.

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