हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष सुमन ने कहा है कि एससी, एसटी और अति पिछड़े वोटरों के बिदकने से राजद की परेशानी बढ़ गई है।

बिहार में हुए जातीय सर्वेक्षण को फर्जी और सेल्फ रिपोर्टिंग बता कर राहुल गांधी ने न केवल बिहार के पिछड़ों,अति पिछड़ों का अपमान किया। बल्कि श्रेय लेते नहीं थकने वाले राजद के राजनीतिक पलीते को ही सुलगा दिया है।

सुमन ने कहा कि दलित, वंचित व अतिपिछड़ों का एक मात्र हितैषी एनडीए है। एनडीए ने ही बिहार में पंचायत व निकाय चुनाव में अति पिछड़ों को 20 फीसदी आरक्षण दिया।

जिसकी वजह से आज बड़ी संख्या में निचले स्तर पर जनप्रतिनिधि जीत कर आ रहे है। इससे न केवल सत्ता में उनकी हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है, बल्कि उनका लोकतांत्रिक सामाजिक सशक्तिकरण भी हुआ है।

उन्होंने कहा कि एनडीए की सरकार ने ही तेली, हलवाई जैसी जातियों को अति पिछड़ा वर्ग में शामिल कर उन्हें आगे बढ़ाने का सराहनीय कार्य किया, जिससे आज उनकी राजनीतिक सहभागिता सुनिश्चित हुई है।

एनडीए सरकार के प्रयासों से अति पिछड़े समाज का विकास में भागीदारी बढ़ी है। राजद, कांग्रेस ने जहां मृत्यु के 36 वर्षों तक जननायक कर्पूरी ठाकुर को उपेक्षित किया। वहीं केंद्र की मोदी सरकार ने उन्हें पिछले साल भारत रत्न देकर अति पिछड़े समाज को सम्मानित किया।

सुमन ने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल मंत्र के साथ काम करने वाली एनडीए सरकार पर एससी, एसटी व अति पिछड़ों का पूर्ण विश्वास है।

राजद-कांग्रेस के आतंक और दहशत भरे शासनकाल को बिहार का दलित, अतिपिछड़ा समाज आज भी नहीं भूला है।





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