गया: अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए मशहूर गया के महाबोधि में अब पर्यटकों को ठहरने में दिक्कत नहीं होगा. बुधवार को सीएम ने अतिथिगृह का शुभारंभ किया है. इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यहां पर जो महाबोधि मंदिर दर्शन के लिए आते हैं, उनके लिए पहले रहने की बहुत अच्छी व्यवस्था नहीं थी लेकिन अब उन्हें अच्छी सुविधा मिलेगी.

अब पर्यटकों के ठहरने की होगी सुविधा
सीएम ने कहा कि यहां बाहर से लोग इतनी बड़ी संख्या में आते हैं. केवल यहीं के ही नहीं, बल्कि देश के बाहर के भी लोग भी आते हैं. उन लोगों को रहने की जगह अच्छी नहीं थी, जिस वजह से वे लोग लौट कर चले जाते थे. इसीलिए हमारी सरकार ने इस अतिथिशाला का निर्माण करवाया है. अब बाहर के लोग आएंगे तो वह यहां पर आकर रुकेंगे और देखेंगे.

‘कन्वेंशन सेंटर का भी कराया निर्माण
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले ही से हम लोग काम कर रहे हैं. आप जानते हैं कि इसके बगल वाले ‘कन्वेंशन सेंटर’ का भी हमारी सरकार ने ही निर्माण कराया है, लेकिन अब इतना अच्छा हो गया है कि कोई भी यहां रहेंगे. जो आते हैं वह अब यहीं रहेंगे. यहां देश विदेश के बड़े लोग भी आएंगे तो यहां रुकेंगे.

खेलो इंडिया गेम्स की तैयारियों का भी जायजा
वहींं. ‘खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025’ के आयोजन पर नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार सरकार खेल को लगातार बढ़ावा दे रही है. सरकार खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा दे रही है. इतना बड़ा आयोजन पहली बार गया में हुआ है. हम उसकी तैयारी की समीक्षा कर रहे हैं, सब कुछ अच्छे से होगा.

दूसरी मंजिल से दिखा महाबोधि गुबंद
राज अतिथि निवास के लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री ने राज्य अतिथि निवास के दूसरे तल्ले पर पहुंचे और वहां से उन्होंने महाबोधि मंदिर के गुंबद का दर्शन कर और निरीक्षण किया. राज्य अतिथि निवास को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि उसके पिछले हिस्से के कमरों और छत से सीधे महाबोधि मंदिर के गुंबद को देखा जा सके. बताया जा रहा है कि राज्य अतिथि निवास में वीवीआईपी के लिए वीवीआईपी सुइट रुम उस स्थान पर है, जहां से सीधे वो महाबोधि मंदिर के गुंबद का हर समय दर्शन किया जा सकता है.

136 करोड़ की लागत से निर्माण
राज्य अतिथि निवास 136 करोड़ की लागत से हुआ है. इसका पूरा एरिया 8 एकड़ में फैला हुआ है. पूरी तरह से इसमें सुरक्षा का भी ख्याल रखा गया है. इस दौरान मुखमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बोधगया के लिए यह बड़ा काम हुआ है.
पहले लोग यहां आते थे लेकिन ठहरने की अच्छी व्यवस्था नहीं होने के कारण वह चले जाते थे. अब वह यहां आएंगे तो रुकेंगे. हमने कई और कार्य कराए हैं, इससे पहले यहां पर बिहार का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर का निर्माण कराया था.



Leave a Reply