MUZAFFARPUR

खुशखबरी! बिहार में 27,375 आशा कार्यकर्ताओं की होने जा रही है बहाली, जानें पूरा प्रोसेस

पटना: बिहार में स्वास्थ्य विभाग लोगों को रोजगार देने में अव्वल दिख रहा है. राज्य के अंदर बड़े पैमाने पर आशा कार्यकर्ताओं की बहाली की जा रही है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से औपचारिक रूप से नियुक्ति को लेकर हरी झंडी दे दी गई है. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने राज्य स्वास्थ्य समिति में आयोजित समीक्षा बैठक के बाद कहा कि अगले तीन महीने के भीतर राज्य में 27,375 आशा कार्यकर्ताओं का चयन किया जाएगा.

ग्राम सभा के माध्यम से होगा चयन

चयन प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जाएगी. राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ताओं का चयन ग्राम सभा के माध्यम से होगा. जिसके कार्यान्वयन का जिम्मा स्थानीय मुखिया को दी जाएगी. वहीं शहरी क्षेत्रों में होने वाले चयन में स्थानीय वार्ड पार्षदों की अहम भूमिका होगी. आगामी तीन महीने के भीतर ग्रामीण क्षेत्रों में 21 हजार 9 आशा और शहरी क्षेत्रों के लिए 5 हजार 316 आशा चयनित होंगी.

तीन महीने में होगी सभी प्रक्रिया पूरी

वहीं 1 हजार 50 आशा फैसिलिटेटर का भी चयन किया जाएगा. इसकी प्रक्रिया तीन महीने के भीतर पूरी कर ली जाएगी. आशा कार्यकर्ता सामुदायिक स्तर पर प्राथमिक देखभाल प्रदाताओं के रूप में कार्य करती हैं. स्वास्थ्य मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को चयन की पूरी प्रक्रिया में तेजी लाने का स्पष्ट निर्देश दिया है.

इन पदों पर भी होगी जल्द बहाली

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में लगातार विभागीय बहालियों की प्रक्रिया जारी है. अब तक विभिन्न पदों के लिए 35 हजार 383 पदों के लिए विज्ञापन भी प्रकाषित किए जा चुके हैं. कई अन्य रिक्तियों पर भी काम चल रहा है. उन्होंने आगे कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, विशेषज्ञ चिकित्सकों, मेडिकल ऑफिसर और आयुष चिकित्सकों सहित अन्य बहालियों की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है.

क्रिटिकल केयर यूनिट में बेडों की संख्या बढ़ाने का निर्देश

वहीं मंगल पांडेय ने राज्य के अस्पतालों में दी जा रही डायलिसिस, इमरजेंसी केयर, पैथोलॉजी जांच सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की अद्यतन जानकारी ली. वहीं यह निर्देष दिया कि सूबे के सभी अस्पतालों में आनेवाले मरीजों को तमाम चिकित्सकीय सुविधाएं सुविधाजनक तरीके से दी जाए. बैठक के दौरान राज्य के जिला एवं अनुमंडल अस्पताल सहित क्रिटिकल केयर यूनिट में बेडों की संख्या बढ़ाने का निर्देश देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य में संचालित ट्रॉमा सेंटर में दी जानेवाली सुविधाओं की भी जानकारी ली.

ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों की हो देखरेख

स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य में चलाए जा रहे अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम के कार्यान्वयन पर चर्चा करते हुए राज्य के विभिन्न अस्पतालों में आई हेल्थ फैसिलिटी को और भी सुदृढ करने का निर्देश दिया है. वहीं राज्य के विभिन्न अस्पतालों में कोरोना काल में स्थापित ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों के देखरेख और रखरखाव का भी निर्देश दिया गया. उन्होंने सभी संयंत्रों के मेंटेनेंस की प्रक्रिया जल्द शुरु करने की बात कही है.

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