इस्कॉन द्वारा आयोजित त्रिदिवसीय कार्यक्रम ब्रह्मोत्सव के दूसरे दिन देश विदेश से आए गायकों ने अपनी भक्ति रस के धारा से सबको सराबोर कर दिया माने वृंदावन उतर आया हो, वैष्णव भजन जो महाप्रभु को अतिशय प्रिय है को सुन कर उपस्थित भक्तजन नृत्य करते हुए एवं झूमते हुए नजर आए।

हरिनाम एवं कीर्तन की महिमा को बताते हुए एच जी रमन मनोहर दास ने कहां की कली काल में सिर्फ और सिर्फ हरिनाम और कीर्तन से ही हम इस भव सागर को पार कर सकते है।

उपस्थित भक्तों को उन्होंने बहुत ही विस्तार में कीर्तन के महत्त्व को समझाया। अंत में उपस्थित भक्तों के बीच महाप्रसाद वितरीत किया गया।

कार्यक्रम का भव्य समापन कल अक्षय तृतीय के उपलक्ष्य में सम्पन्न होगा। अक्षय तृतीय के दिन ही तीन साल पहले इस्कॉन का भव्यतम उद्घाटन किया गया था।





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