मुजफ्फरपुर के नया टोला स्थित थिओसफिकल लॉज, परिसर में प्रख्यात साहित्यकार, कवि एवं प्राध्यापक स्वर्गीय डॉ. आश नारायण शर्मा की 92वीं जयंती मनायीं गयी.

इस जयंती समारोह की अध्यक्षता चितरंजन सिन्हा कनक ने किया. मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए डॉ. राम प्रवेश सिंह ने डॉ. आश नारायण शर्मा के व्यक्तित्व एवं कृतृत्व की चर्चा विस्तार से की.

डॉ. राजेश्वर प्रसाद सिंह ने इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उनके साथ बिताये कई बातों की चर्चा की. उनके अनुज इतिहासकार पूर्व प्राचार्य एवं प्राध्यापक डॉ राम एकवाल शर्मा ने सभी आगत अतिथियों का स्वागत किया और उनके सानिध्य में बिताये भावुक पलों की चर्चा की और कहा कि आज मैं जो भी हूँ अपने अग्रज आश बाबु के कारण हूँ.

उनके शिष्य डॉ.भोला झा ने उनके प्राचार्य काल के कुछ अंछुए पहलू की चर्चा करते हुए कहा की वे किसी के किये मदद की कृतज्ञता बिना किये नहीं छोड़ते थे.

इस दौरान डॉ. लोकनाथ मिश्रने कवि सम्मलेन का संचालन किया.डॉ. सविता राज,डॉ. प्रभाष,प्रमोद नारायण मिश्र,डॉ. राकेश नयन, राम दुलार ने अपनी कविता पाठ से सभा में उपस्थित सबों क़ो सम्मोहित कर दिया.

समारोह का सम्पूर्ण संचालन कई पुरस्कारों से सम्मानित प्रख्यात साहित्यकार एवं कवि डॉ. संजय पंकज ने किया. उन्होंने अपनी सामयिक कविताओं एवं आश बाबु के साथ बिताये पलों की विस्तृत चर्चा की एवं पिता पर बनी नयी गीत से सबको भावुक कर दिया.धन्यवाद प्रस्ताव उपेन्द्र कुमार ने की.

समारोह का आयोजन आश बाबु के पौत्र डॉ. प्रभाष ने किया. इस अवसर पर गायत्री शर्मा,डॉ. राजेश रंजन, हरेराम मिश्र, महेश प्रसाद सिंह,

प्रसून कुमार, डॉ. महेन्द्र कुमार, सतीश मल्लिक, रोहन रंजन, ऋषि पाराशर, अजय कुमार, प्रोफेसर राज, दीपु कुमार, नवीन शर्मा, धीरज शर्मा उपस्थित रहें.





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