MUZAFFARPUR

अक्षय तृतीया के पहले सोने-चांदी की कीमतों में लगी आग! एक लाख के आंकड़े को कर जाएगा पार

बिहार की राजधानी पटना में सोने और चांदी की कीमतें नई ऊंचाइयों को छू रही हैं, जिससे बाजार में एक बार फिर से हलचल तेज हो गई है। सोमवार को 24 कैरेट सोना ₹98,000 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो इतिहास रचने से मात्र ₹2,000 दूर है।

वहीं, 22 कैरेट सोना भी ₹90,500 प्रति 10 ग्राम तक चढ़ गया है। यह वृद्धि सिर्फ एक दिन में हुई, जिसमें 24 कैरेट सोने में ₹1,000 और 22 कैरेट में ₹1,800 की तेजी देखी गई। चांदी की कीमत भी ₹96,800 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है, जो पिछले पांच वर्षों में सर्वाधिक है।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में अगर वैश्विक अनिश्चितता और निवेशकों की भावना यही रही तो सोना पहली बार ₹1 लाख प्रति 10 ग्राम का आंकड़ा पार कर सकता है।

अक्षय तृतीया से पहले रेकॉर्ड तेजी

30 अप्रैल को मनाई जाने वाली अक्षय तृतीया, जो पारंपरिक रूप से सोना-चांदी खरीदने का शुभ दिन माना जाता है, उससे पहले कीमतों में यह तेजी बेहद अहम मानी जा रही है। आंकड़ों के अनुसार, पांच साल पहले इसी अवसर पर 24 कैरेट सोना ₹46,065 प्रति 10 ग्राम था और चांदी ₹37,800 प्रति किलोग्राम के भाव पर बिक रही थी।

इसका मतलब यह है कि सोने में 112% और चांदी में 164% की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है। इस तरह की बढ़ोतरी निवेशकों के लिए भी एक स्पष्ट संकेत है कि बुलियन मार्केट अब पहले से कहीं अधिक सक्रिय और लाभदायक बन चुका है।

शेयर बाजार में भी रिकॉर्ड रैली

केवल बुलियन मार्केट ही नहीं, भारतीय शेयर बाजार ने भी बीते सप्ताह जबरदस्त प्रदर्शन किया है। वैश्विक बाजारों में गिरावट के बावजूद, भारत का सेंसेक्स पिछले 5 कारोबारी सत्रों में 5,561 अंकों की छलांग लगाकर 79,408 के स्तर पर पहुंच गया है। यह फरवरी 2021 के बाद की सबसे बड़ी तेजी मानी जा रही है।

इसी तरह, निफ्टी भी 274 अंकों की बढ़त के साथ 24,125 पर बंद हुआ। इन दोनों प्रमुख सूचकांकों की मजबूती यह दिखाती है कि भारत में निवेशकों का भरोसा बना हुआ है, और विदेशी निवेशकों की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है।

5 ट्रिलियन डॉलर क्लब में बीएसई

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण अब ₹425.85 लाख करोड़, यानी 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर को पार कर गया है। यह भारत को दुनिया की उन चुनिंदा अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करता है, जहां विकास और निवेश दोनों तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

निवेशकों और आम उपभोक्ताओं के लिए क्या मतलब?

सोने और चांदी में तेज़ी, साथ ही शेयर बाजार की मजबूत स्थिति, यह दर्शाती है कि बाजार में निवेश के लिए सकारात्मक माहौल बना हुआ है। अक्षय तृतीया पर बुलियन में निवेश करने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह मौका ऐतिहासिक हो सकता है, जबकि शेयर बाजार में तेजी को भुनाने वाले निवेशकों के लिए भी यह समय अत्यंत लाभकारी हो सकता है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.