MUZAFFARPUR

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले राज्य में आने वाली है नौकरी की बहार!2800 आयुष चिकित्सकों की होगी बहाली

बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने घोषणा की है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत 2800 आयुष चिकित्सकों की बहाली जल्द की जाएगी। इस भर्ती प्रक्रिया के लिए एक सप्ताह के अंदर विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा और रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने यह घोषणा अधिवेशन भवन, पटना में आयोजित आयुष मेडिकल एसोसिएशन, बिहार द्वारा आयोजित हैनीमेन जयंती सह वैज्ञानिक सेमिनार के दौरान की।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आयुष दवाओं की खरीद के लिए केंद्र सरकार की ओर से लगभग 60 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की जा रही है। यह रकम राज्य में आयुष दवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता को सुनिश्चित करने में मददगार साबित होगी।

आयुष चिकित्सकों के योगदान की सराहना

कार्यक्रम का उद्घाटन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और स्वास्थ्य मंत्री ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर दिलीप जायसवाल ने आयुष चिकित्सकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सरकारी अस्पतालों में सेवाएं दे रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि होम्योपैथी चिकित्सा अब एलोपैथी की तरह प्रभावी और कारगर हो चुकी है।सेमिनार में आयुष मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. विरेंद्र मौर्या सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और सरकार के इस कदम की सराहना की।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में विशेष प्राथमिकता 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में आयुष चिकित्सा पद्धति को विशेष प्राथमिकता दी गई है। राज्य में न सिर्फ डॉक्टरों की नियुक्ति हो रही है बल्कि कॉलेजों का जीर्णोद्धार, नए अस्पतालों का निर्माण और नई योजनाओं का क्रियान्वयन भी किया जा रहा है।

वर्तमान में राज्य में 2901 आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है, जिनमें 948 होम्योपैथ डॉक्टर शामिल हैं। विशेष रूप से बेगूसराय में 250 करोड़ रुपये की लागत से नया आयुर्वेद कॉलेज बनाया जा रहा है और मुजफ्फरपुर होम्योपैथ कॉलेज का जीर्णोद्धार भी पूरा हो चुका है।

कैबिनेट से 825 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत

स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि हाल ही में एक ही दिन में कैबिनेट से 825 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई, जिसमें आयुर्वेद, होम्योपैथ और यूनानी चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने वाले अनेक प्रोजेक्ट शामिल हैं।

इस प्रकार राज्य सरकार आयुष चिकित्सकों को उनका सम्मान, अधिकार और अवसर देने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। सरकार का यह प्रयास न सिर्फ चिकित्सा क्षेत्र को मजबूती देगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को भी और व्यापक बनाएगा।

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