MUZAFFARPUR

संविधान निर्माता को साक्षी मानकर ब्वाय फैंड और गर्लफ्रेंड ने लिए सात फेरे, हो गए एक दूजे के

प्यार जब परवान चढ़ता है तो न जात-पात देखता है, न समाज की बंदिशें मानता है। एक ऐसा ही कुछ हुआ नवगछिया में, जहां नवगछिया पुलिस जिला में एक प्रेमी जोड़े ने अनोखे ढंग से विवाह किया है। इस अनूठी शादी में मुस्कान कुमारी, जो मदुरापुर गांव की निवासी हैं, और सुनील कुमार, जो सुपौल जिले के रहने वाले हैं, ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर को साक्षी मानते हुए विवाह किया।

यह शादी 14 अप्रैल 2025 को बाबा साहेब की जयंती के दिन संपन्न हुई। मुस्कान और सुनील लंबे समय से एक-दूसरे से प्रेम करते थे। हालांकि, उनके परिवारों को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। इसका मुख्य कारण यह था कि लड़की रिश्ते में लड़के की मामी की बहन थी। इस पारिवारिक रिश्तेदारी के चलते दोनों परिवार इस विवाह के खिलाफ थे।

दोनों ने अपने परिवारों की असहमति के बावजूद साथ जीने-मरने का फैसला किया। 9 अप्रैल 2025 को सुनील कुमार सहरसा से भागलपुर पहुंचे और मुस्कान को अपने साथ ले गए। इसके बाद उन्होंने नवगछिया स्थित मां काली मंदिर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर के सामने सात फेरे लिए और शादी संपन्न की।

नवगछिया में एक अनोखी प्रेम कहानी सामने आई है, जहाँ एक जोड़े ने सामाजिक बंधनों को तोड़ते हुए डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर के सामने शादी की। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।सुपौल के रहने वाले सुनील कुमार को अपनी मामी के घर नारायणपुर आने पर मुस्कान कुमारी से प्यार हो गया।

जब परिवार वालों ने उनकी शादी को मंजूरी नहीं दी, तो उन्होंने 9 अप्रैल को घर से भागने का फैसला किया।10 अप्रैल को सुनील, मुस्कान को लेकर अपने घर सुपौल चला गया।

मुस्कान के परिवार वालों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।सोमवार की शाम, भवानीपुर मार्केट स्थित मां काली मंदिर में, उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर के सामने सात फेरे लिए। इस अनोखी शादी में, उन्होंने समाज के नियमों को चुनौती दी और अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुना।बाद में, दोनों परिवारों ने उनकी शादी को स्वीकार कर लिया।मुस्कान ने कहा कि उसने अपनी मर्जी से शादी की है और वह सुनील को हमेशा खुश रखेगी।सुनील ने कहा कि उनका प्यार सच्चा है और वे हमेशा साथ रहेंगे।

इस शादी ने समाज में काफी चर्चा बटोरी है क्योंकि इसमें परंपरागत रीति-रिवाजों से हटकर संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर को साक्षी माना गया। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें कपल को बाबा साहेब की तस्वीर के सामने शादी करते हुए देखा जा सकता है।

 

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