Ljpr प्रमुख व केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेटर लिखा है। दो पन्नों के इस लेटर में चिराग ने मुख्यमंत्री से बिहार में दो दिन पहले हुए तेज बारिश और आंधी से हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग की है।

चिराग ने बारिश और आंधी से हुए नुकसान पर चिंता जाहिर करते हुए बताया है कि बिहार के विभिन्न जिलों में हुई भीषण और असमय वर्षा ने किसानों पर अत्यंत दुखदायी प्रभाव डाला है। खेतों में पकने को तैयार मे की कसले भारी बारिश के चलते बर्बाद हो गई है।

किसान जो महीनों की कठिन मेहनत के बाद फसल कटने का सपना संजोए बैते थे ये अब हताशा और निराशा की शिथति में पहुंच गए हैं। खेती में लहलहाती फसले अब सड़ने लगी है. जिससे किसानों की मेहनत उम्मीदें और जीविका एक साथ डूब गई है।

किसानों के लिए ठोस कदम उठाने की मांग
चिराग ने अपने लेटर में लिखा है कि प्रदेश के लाखों किसान इस आपदा से बुरी तरह प्रभावित हुए है। कृषि ही उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है, और इस भीषण प्राकृतिक आपदा ने उनके समक्ष जीविकोपार्जन का संकट खड़ा कर दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, किसानों के जीवन और भविषय को सुरक्षित रखने के लिए स्परित और ठोस कदम उताना आयंत आवश्यक है।

आपदा में अपनों को खोनेवाले की भी चिंता
इस प्राकृतिक आपदा में कई लोगों की जान भी चली गई है. जो अत्यंत दुखद और पीलदायक है। मृतकों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। हमारी एनडीए सरकार ने साख रुपए के मुवावजा राशि की भी घोषणा की है परंतु मैं चाहता हूं कि पीड़ित परिवारों के जीविकोपार्जन के लिए आबितों को और सरकारी लाभ की आवश्यकता है। ऐसे में सरकार के द्वारा जो संभव मदद हो सके. वो की जानी बाहिए।

कित्सान हमारी अर्थवावस्था की रीढ़ है और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान हमारी एनडीए सरकार की प्राधनिकताओं में से एक है। किसानों को शीघ्र सहायता प्रदान करना कंवल मानवीय दायित्व ही नहीं बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिरता हेतु भी अत्यंत आवशयक है। यदि वे संकट में पड़ते हैं, तो उसका दुष्प्रभाव सम्पूर्ण राज्य पर पड़ता है।

मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप एक संवेदनशील और किसानहितैषी मुखिया के रूप में किसानों की इस विकट परिस्थिति को समझते हुए लरित और प्रभावी कदम उठाएंगे। संकट की इस धड़ी में आपका सहयोग एवं सक्रिय हस्तक्षेप प्रदेश के अन्नदाताओं को नया जीवन देगा।




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