दरभंगा जिले के जमालपुर थाना क्षेत्र से एक ऐसी खबर आई है जिसने बिहार के सामाजिक ताने-बाने और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मध्य विद्यालय ढंगा में पदस्थापित शिक्षक राकेश कुमार का अपहरण पकड़ौआ विवाह के लिए कर लिया गया है।

यह घटना उस समय सामने आई जब प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार ने राकेश के स्कूल नहीं आने पर उन्हें कॉल किया, लेकिन फोन बंद मिला। बाद में परिजनों से पता चला कि शिक्षक का अपहरण कर लिया गया है, और अपहरणकर्ता उन्हें दरभंगा और समस्तीपुर की सीमा पर स्थित विथान क्षेत्र में छिपाकर रखे हुए हैं।

क्या है पकड़ौआ विवाह?
पकड़ौआ विवाह बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में एक सामाजिक कुरीति रही है, जिसमें योग्य वर को जबरन अगवा कर उसकी शादी किसी लड़की से करा दी जाती है।इसका उद्देश्य अक्सर दहेज से बचना या योग्य लड़के को अपनी बेटी का जीवनसाथी बनाना होता है। हालांकि यह परंपरा अब गैरकानूनी है, लेकिन अब भी ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में यह चलन जारी है।

पुलिस ने शुरू की छानबीन
जमालपुर थाना प्रभारी राहुल कुमार ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि शिक्षक के परिजनों के आवेदन पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। शिक्षक की बरामदगी के लिए दरभंगा-समस्तीपुर सीमा पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने बताया कि तिलकेश्वर थाना क्षेत्र में मौजूद कुछ संदिग्ध ठिकानों पर रेड की जा रही है, और यह मामला पकड़ौआ विवाह से जुड़ा प्रतीत होता है।

शिक्षित युवक भी असुरक्षित!
राकेश कुमार एक BPSC पास शिक्षक हैं, जो कुशेश्वरस्थान के मूल निवासी हैं और चतरा गांव में डेरा लेकर स्कूल आना-जाना करते थे। उनका अपहरण यह दिखाता है कि आज भी बिहार में शिक्षित युवकों की सुरक्षा एक चुनौती बनी हुई है।




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