नालंदा: बिहार की नालंदा पुलिस पर बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगा है. घटना तेल्हाड़ा थाना क्षेत्र के चंदापुर गांव की है. पुलिस आर्मी के सूबेदार अजीत कुमार के सरपंच भाई मंटू को उस पर दर्ज केस में गिरफ्तार करने गई थी. जहां उसके परिजनों और पुलिस में नोकझोंक हो गई. आरोप है कि पुलिस ने आर्मी जवान और घर की महिलाओं को एक किलोमीटर दूर लेकर जाकर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा है.

पुलिस की पिटाई से आधा दर्जन घायल
घटना में परिवार के आधा दर्जन सदस्य जख्मी हो गए. सभी का इलाज अस्पताल में कराया जा रहा है. चर्चा है कि पुलिस पर रोड़ेबाजी की गई थी, जिसके बाद पुलिस द्वारा बर्बर कार्रवाई की गई है. बुधवार को घटना की खबर मिलते ही आर्मी के कर्नल तेल्हाड़ा पहुंच गए. कर्नल ने पुलिस के वरीय अधिकारियों से घटना की शिकायत की. पीड़ितों का जख्म पुलिस की बर्बरता की गवाही दे रहा था.

गिरफ्तार करने आई थी पुलिस
वहीं शिकायत मिलने के बाद आईजी गरिमा मलिक भी आरोपों की जांच के लिए तेल्हाड़ा पहुंची. आईजी ने पीड़ितों से घटना के बाबत पूछताक्ष किया. जांच के बाद तेल्हाड़ा पुलिस ने सूबेदार और मंटू के पुत्र पर कार्य में बाधा डालने का केस दर्ज किया है. सूबेदार अजित कुमार का आरोप है कि वे अमृतसर में तैनात हैं, चैती छठ में गांव आए थे. उनके सरपंच भाई मंटू कुमार पर दुष्कर्म का केस दर्ज कराया गया है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस रात में आई थी और दीवार फांदकर घर में दाखिल हो गई.

महिलाओं से बदसलूकी का आरोप
आर्मी जवान का आरोप है कि मंटू कुमार के नहीं मिलने पर पुलिस गाली-गलौज करते हुए महिलाओं से बदसलूकी करने लगी. जिसका विरोध करने पर धमकी देकर लौट गई. करीब घंटे भर बाद डीएसपी-2 गोपाल कृष्ण आधा दर्जन थाना की पुलिस के साथ पहुंच गए.

सूबेदार, उनकी पत्नी, भाभी, भतीजी, बहन और एक परिजन को घर से खींचकर एक किलोमीटर दूर सुनसान स्थान पर ले गई, जहां सभी महिलाएं व बच्चों को सड़कों पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया.

वहीं हिलसा डीएसपी 2 गोपाल कृष्ण ने घटना के संबंध में बताया कि पुलिस दुष्कर्म केस के आरोपी मंटू के घर छापेमारी करने गई थी. जहां उनके परिजनों ने छापेमारी का विरोध करते हुए पुलिस कार्य में बाधा उत्पन्न किया. इस मामले में आर्मी जवान अजीत और मंटू के पुत्र दीपक को आरोपित कर केस दर्ज किया गया है.


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