गया: बिहार के गया में बॉलीवुड स्टार संजय दत्त की नानी की हवेली आज भी मौजूद है. पंचायती अखाड़ा में डायट परिसर में मौजूद यह हवेली अब खंडहर में तब्दील हो चुकी है, लेकिन आज भी ये संजय दत्त की नानी मशहूर अदाकारा जद्दनबाई की यादों को ताजा करती है.

8 अप्रैल को पुण्यतिथि के मौके पर एक बार फिर से लोग जद्दनबाई की कलाकारी और उनके संघर्ष से लेकर सफलता तक की कहानी को याद कर रहे हैं.

गया में संजय दत्त की नानी की हवेली: जद्दनबाई देश की काफी प्रसिद्ध नर्तकी-गायिका रह चुकी हैं. जद्दनबाई फिल्म अभिनेता संजय दत्त की नानी और नरगिस की मां थीं. आज भी गया में उनके नाम की हवेली मौजूद है. कहा जाता है कि इस हवेली में रईसों की महफिल सजती थी.

नृत्य के थे सभी कायल: संजय दत्त की नानी का पूरा नाम जद्दनबाई हुसैन था. उनका जन्म 1892 में बनारस में हुआ था. जद्दनबाई हुसैन फिल्म अभिनेता संजय दत्त की नानी और नरगिस की मां थीं. जानकारों के अनुसार जद्दनबाई की मां दलीपबाई तवायफ थी और जद्दनबाई को विरासत में संगीत और नृत्य मिली थी. जब वह नृत्य करती थीं, तो राजा रजवाड़े मंत्र मुग्ध हो जाते थे.

जद्दनबाई की हवेली मन्नत मांगने आते हैं लोग: हवेली में जद्दनबाई की ठुमरी गायन और नृत्य के एक से बढ़कर एक कद्रदान आते थे. जद्दनबाई बहुमुखी प्रतिभा की धनी थीं. गायिका, लेखिका, डायरेक्टर और एक्ट्रेस के रूप में उनकी पहचान थी. लोगों का मानना है कि यहां खड़े होकर कोई भी मन्नत मांगने से पूरी होती है.

जफर नवाब ने किया था गिफ्ट: गया घराने से जुड़े पंडित राजेंद्र सिजुआर शास्त्रीय उप शास्त्रीय गायकी से संबंध रखते हैं और जद्दनबाई के बारे में काफी जानकारी रखते हैं. पंडित सिजुआर का कहना है कि जद्दनबाई को जफर नवाब ने ये हवेली दी थी.



Leave a Reply