खगड़िया: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और चाचा पशुपति कुमार पारस के बीच की टकरार किसी से छिपी नहीं है. एक बार फिर से पासवान फैमिली की चर्चा शुरू हो गई है.

खगड़िया के शहरबन्नी में पासवान फैमिली के बीच संपत्ति के विवाद को लेकर तनाव बढ़ गया है. विवाद इतना बढ़ गया है कि मामला थाने तक पहुंच गया है.

पासवान परिवार में संपत्ति विवाद
सोमवार 31 मार्च को मामला तब तूल पकड़ लिया जब, दिवंगत रामविलास पासवान की पहली पत्नी राजकुमारी देवी के पैतृक घर पर ताला जड़ दिया गया. राजकुमारी देवी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस और रामचंद्र पासवान की पत्नी पर ताला जड़ने का आरोप लगाया है. राजकुमारी देवी ने बताया कि जब वह पूजा करके लौटी तो देखा कि दोनों रूम में उनकी देवरानियों ने ताला लगा दिया है.

बेटे चिराग से बड़ी ‘मां’ ने लगायी गुहार
घटना के बाद चिराग पासवान की बड़ी ‘मां’ की तबीयत बिगड़ गई. उन्होंने चिराग पासवान से न्याय की गुहार लगायी है. राजकुमारी देवी ने कहा कि चिराग बाबू जल्द से जल्द खगड़िया आकर घर का बंटवारा कर दे, नहीं तो मेरी स्थिति बिगड़ सकती है. पासवान फैमिली के बीच का संपत्ति विवाद चर्चा में आने से राजनीतिक हलकों में भी तेजी आ गई है.

चिराग की पार्टी ने की निंदा
वहीं चिराग पासवान की पार्टी एलजेपीआर ने इस घटना की कड़ी शब्दों में निंदा की है. प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत रामविलास पासवान की पहली पत्नी राजकुमारी देवी के साथ कथित दुर्व्यवहार के लिए उनके भाई भाई और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी पशुपति कुमार पारस को जिम्मेदार ठहराया.

पशुपति पारस का बयान
वहीं इस पूरे मामले को लेकर पशुपति कुमार पारस ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस पूरी घटना को राजनीतिक करार देते हुए ड्रामा करार दिया है. हालांकि उन्होंने ये भी माना है कि जमीन बंटवारे की प्रक्रिया चल रही है.




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