MUZAFFARPUR

भागलपुर ने फिर रचा इतिहास, विश्व का सबसे बड़ा सेंड पोर्ट्रेट और लाखों दीपों से जगमगाए मर्यादा पुरुषोत्तम

रेशमी शहर भागलपुर ने एक बार फिर विश्व रिकॉर्ड बनाकर अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को गौरवान्वित किया। रामनवमी के पावन अवसर पर भागलपुर के लाजपत पार्क मैदान में 100 बाय 60 फीट का भव्य सेंड पोर्ट्रेट तैयार किया गया, जिसमें मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की दिव्य छवि उकेरी गई। यह सेंड पोर्ट्रेट विश्व का सबसे बड़ा सेंड आर्ट होने का गौरव प्राप्त कर चुका है। इस ऐतिहासिक आयोजन के तहत 30 मार्च की संध्या में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम, विशाल भंडारा और स्वदेशी मेले का आयोजन किया गया।

समारोह का शुभारंभ सामूहिक दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसके बाद पूरे मैदान में ‘जय श्री राम’ के उद्घोष गूंज उठे। हजारों श्रद्धालुओं ने इस पावन घड़ी में सहभागिता कर प्रभु श्री राम के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।गत वर्ष भागलपुर में 5 लाख से अधिक दीपों से भगवान श्री राम का चित्र बनाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज किया गया था। इस वर्ष, भारतीय नव वर्ष आयोजन समिति के तत्वावधान में 30 और 31 मार्च को आयोजित इस समारोह में एक लाख से अधिक दीपों से भव्य आरती संपन्न की गई, जो अपने आप में एक नया कीर्तिमान है।

कार्यक्रम के संयोजक एवं भागलपुर विधानसभा के पूर्व भाजपा प्रत्याशी डॉ. अरिजीत शाश्वत चौबे ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और परंपराओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि हजारों लोगों की उपस्थिति में दीपों से जगमगाते इस पवित्र आयोजन ने पूरे शहर को भक्ति और श्रद्धा से सराबोर कर दिया।

स्थानीय कलाकारों ने किया कमाल इस अद्वितीय सेंड पोर्ट्रेट को भागलपुर के बरारी क्षेत्र के प्रसिद्ध कलाकार अनिल कुमार, झिलिक सरकार, शानु कुमार, सागर कुमार, महानंद कुमार और नीतीश कुमार ने चार दिनों की अथक मेहनत से तैयार किया। उन्होंने रेत और अर्थ कलर का उपयोग करके भगवान श्री राम की ऐसी अद्भुत छवि गढ़ी, जिसने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

विश्व रिकॉर्ड की ओर एक और कदम इस आयोजन की सबसे अनूठी विशेषता थी लाखों दीपों से संपन्न भव्य आरती, जिसने एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया। दीपों की जगमगाहट और श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा लाजपत पार्क भक्तिमय हो उठा। जैसे ही रात ढली, शहरवासियों ने अपने घरों से दीपक लाकर इस आयोजन को और भव्य बना दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के शब्दों में भाजपा नेता डॉ. अरिजीत शाश्वत चौबे ने कहा, यह सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और आस्था का महापर्व है। भागलपुर ने एक बार फिर अपनी विरासत को गौरवान्वित किया है। वहीं, सेंड पोर्ट्रेट कलाकार अनिल कुमार ने कहा, यह हमारे लिए गर्व का क्षण है। हमने चार दिनों तक लगातार परिश्रम कर यह चित्र बनाया, और इसे लोगों की सराहना मिल रही है, यही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है।

इस भव्य आयोजन ने भागलपुर को एक बार फिर धार्मिक और सांस्कृतिक मानचित्र पर शीर्ष स्थान दिला दिया है। यह आयोजन न केवल शहरवासियों के लिए गौरव की बात है, बल्कि पूरे भारत के लिए एक अद्भुत संदेश भी देता है कि भारतीय संस्कृति और आस्था को विश्व पटल पर कितनी भव्यता से प्रस्तुत किया जा सकता है।

 

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