बिहार : छठ का महापर्व सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित किया गया है. इस महापर्व में प्रकृति और आस्था का एक अनूठा संगम देखने को मिलता है. छठ महापर्व के दौरान छठी मैया की अराधना की जाती है.

36 घंटे का निर्जला व्रत रखा जाता है. ढलते सूर्य और उगते सूर्य की पूजा की जाती है. उनको अर्घ्य चढ़ाया जाता है. छठ का महापर्व साल में दो बार कार्तिक माह और चैत्र माह में पड़ता है.

चैत्र माह में पड़ने वाले इस महापर्व को चैती छठ कहा जाता है. चैती छठ का महापर्व चार दिनों तक चलता है. इसकी शुरुआत बीते कल यानी 22 मार्च के दिन हो गई.

कल नहाय-खाय से इस महापर्व की शुरुआत हुई. नहाय-खाय के दिन व्रती कद्दू की सब्जी, चने की दाल और चावल का प्रसाद बनाकर ग्रहण करते हैं. आज महापर्व का दूसरा दिन है. छठ महापर्व में दूसरा दिन खरना होता है.






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