पिछले साढ़े तीन माह से जलजमाव के कारण नारकीय स्थिति से गुजर रहे शहरवासियाें काे राहत देने के लिए बुडको तीन साै कराेड़ रुपए की याेजना बनाई है। आने वाले एक-दो साल में इससे पूरे शहर में नए सिरे से ड्रेनेज सिस्टम बनेगा। इसके लिए गली-मोहल्ले व पक्की सड़क के कई नाले भी तोड़े जाएंगे। बुडको ने इसका प्रस्ताव तैयार कर हेडक्वार्टर को स्वीकृति के लिए भेजा है। विभागीय अधिकारी के मुताबिक, 183 करोड़ से शहर में 22 किमी ड्रेनेज व तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पहले फेज में बनाना है, इसका काम चल रहा है। दूसरे फेज में 300 करोड़ से ज्यादा की लागत से शहर में नए सिरे से नाला बनेगा। शहर में पथ निर्माण विभाग, नगर निगम व बुडको ने भी कई जगह नाले बनाए हैं, लेकिन नाले की लेवलिंग जब तक सही नहीं होगी, शहर को जलजमाव से मुक्ति नहीं मिल सकती।

पहले फेज में 183 करोड़ से जो तीनों स्टाॅर्म वाटर ड्रेनेज बनाए जाएंगे, उसके लिए पुणे के एक्सपर्ट की राय ली गई है। जमीन नहीं मिलने से अभी केवल मिठनपुरा-तिरहुत कैनाल के बीच ड्रेनेज बन रहा है। विभागीय अधिकारी का कहना है, तीनों वाटर ड्रेनेज से शहर के सभी 49 वार्डाें के गली-मोहल्ले के नाले को भी जोड़ना होगा, तब शहर को स्थाई रूप से जल जमाव से निजात मिलेगी। इसके लिए फेज-2 भी तैयार किया गया। हालांकि, इसमें अब सुधार की जरूरत है।

पानी निकालने के लिए चक्कर मैदान में काटा जा रहा नाला
प्रमंडलीय आयुक्त के हस्तक्षेप के बावजूद आर्मी कैंट व चक्कर मैदान इलाके को जलजमाव से राहत नहीं मिल रही। दक्षिणी इलाका पूरा जलमग्न है। आर्मी कैंट में भी पानी है। आर्मी स्टेशन हेड क्वार्टर के कर्नल, नगर आयुक्त के साथ गत दिनों प्रमंडलीय आयुक्त ने बैठक की थी। इसके बाद नगर निगम चक्कर मैदान इलाके से पानी निकालने के लिए हाथ-पैर मार रहा है। शुक्रवार की शाम सिटी मैनेजर ओमप्रकाश व बहलखाना प्रभारी रामलाल शर्मा ने कमिश्नरी आवास व चक्कर मैदान इलाके का जायजा लिया, जहां कच्चा नाला काटा जा रहा है।




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