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असिस्टेंट प्रोफेसर बने मंत्री अशोक चौधरी ने एएन कॉलेज में ली पहली क्लास, बोले- पिता का सपना साकार

बिहार: असिस्टेंट प्रोफेसर बने बिहार के ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने अपनी शिक्षकीय पारी की शुरुआत कर ली है। मंत्री बुधवार को पटना के एएन कॉलेज पहुंचे और यहां बच्चों को राजनीति विज्ञान का पाठ पढ़ाया। उन्होंनेे कहा कि आज उनके पिता का सपना साकार हो गया। बता दें कि बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग से क्लीन चीट और शिक्षा विभाग से हरी झंडी मिलने के बाद पिछले महीने ही अशोक चौधरी की बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति हुई थी।

बिहार सरकार में जेडीयू कोटे से मंत्री एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले अशोक चौधरी ने बुधवार को सोशल मीडिया पोस्ट में अपने पहले शिक्षकीय अनुभव को साझा किया। उन्होंने इसे एक नया सफर और नई शुरुआत बताया।

मंत्री ने कहा, “पिताजी ने हमारे लिए जो सपना देखा था, आज उसे जीने और साकार करने का अवसर मिला है। बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर कोशिश रहेगी कि छात्रों को पॉलिटिकल साइंस सिर्फ एक विषय नहीं बल्कि समाज, लोकतंत्र और जीवन को समझने का सशक्त माध्यम के रूप में पढ़ा सकूं, उनकी जिज्ञासाओं को शांत कर पाऊं।”

2020 में निकली भर्ती, रिजल्ट के बाद अटक गई थी नियुक्ति

जानकारी के अनुसार, साल 2020 में बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग की ओर से विभिन्न कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती निकाली थी। अशोक चौधरी ने भी इसके लिए आवेदन किया था। इंटरव्यू समेत प्रक्रिया पूरी होने के बाद पिछले साल यानी 2025 में इस भर्ती का रिजल्ट जारी किया गया था। कुल 274 उम्मीदवारों का असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में चयन किया गया था जिसमें मंत्री अशोक चौधरी का भी नाम शामिल रहा।

फरवरी 2026 में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर उपेंद्र प्रसाद सिंह ने अशोक चौधरी को पटना के एएन कॉलेज में सहायक प्राध्यापक के रूप में जॉइनिंग कराई। इस मौके पर मंत्री के साथ मगध यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर शशि प्रताप शाही भी मौजूद रहे।

फिलहाल, अशोक चौधरी मंत्री रहते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर की भूमिका भी निभाते रहेंगे। वे समय निकालकर कॉलेज के छात्र-छात्राओं को पढ़ाएंगे। इसके लिए वे किसी तरह का वेतन नहीं लेंगे।

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