BIHARMUZAFFARPURSTATE

मिडिल-ईस्ट तनाव की आंच दरभंगा तक, गैस संकट से होटल में जलने लगे लकड़ी के चूल्हे

दरभंगा : मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारत के शहरों में साफ दिखाई देने लगा है. पेट्रोलियम सप्लाई प्रभावित होने के कारण देशभर में कॉमर्शियल LPG सिलेंडरों की किल्लत गहराती जा रही है. बिहार के दरभंगा में यह संकट होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री के लिए बड़ी चुनौती बन गया है, जहां आधुनिक किचन अब पारंपरिक चूल्हों की ओर लौटने को मजबूर हैं.

चूल्हों पर खाना तैयार किया जा रहा 

दरभंगा के मशहूर होटल राधे-राधे और राजस्थान होटल भी इस संकट से अछूते नहीं हैं. गैस की कमी के कारण यहां अब लकड़ी और कोयले के चूल्हों पर खाना तैयार किया जा रहा है. होटल संचालक आनंद शंकर कुमार बताते हैं कि गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है, इसलिए हमने प्लान B के तहत लकड़ी के चूल्हे का सहारा लिया है, लेकिन इसमें ज्यादा समय और मेहनत लगती है. पहले जितने व्यंजन बनते थे, अब उतना बनाना संभव नहीं है.

छोटे दुकानदारों के सामने तालेबंदी की नौबत आई 

इस संकट का सबसे गहरा असर छोटे व्यवसायियों और स्ट्रीट वेंडर्स पर पड़ा है. जहां बड़े होटल किसी तरह वैकल्पिक इंतजाम कर पा रहे हैं, वहीं छोटे दुकानदारों के सामने तालेबंदी की नौबत आ गई है. लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने में जहां समय दोगुना लग रहा है, वहीं ईंधन का खर्च भी बढ़ गया है. दूसरी ओर, इंडक्शन और इलेक्ट्रिक चूल्हों के इस्तेमाल से बिजली बिल ने कारोबारियों की परेशानी और बढ़ा दी है.

गैस की कमी ने सीमित किया मेनू 

गैस पर बनने वाले खाने की तुलना में चूल्हे पर पकाए गए भोजन में न तो वही तेजी है और न ही वही स्वाद. इसका सीधा असर ग्राहकों के अनुभव पर पड़ रहा है. लोगों को अब सीमित विकल्प मिल रहे हैं और उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है.

कर्मचारियों की आजीविका पर भी खतरा 

गैस की अनियमित सप्लाई ने होटल उद्योग की रफ्तार को धीमा कर दिया है. उत्पादन क्षमता घटने से न सिर्फ कारोबार प्रभावित हो रहा है, बल्कि कर्मचारियों की आजीविका पर भी खतरा मंडराने लगा है. कई होटल संचालकों का कहना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो उन्हें स्टाफ कम करने जैसे कठोर कदम उठाने पड़ सकते हैं.

दरभंगा की रसोई तक पहुंचा गैस संकट

मिडिल-ईस्ट में बढ़ता तनाव अब दरभंगा की रसोई तक अपनी आंच पहुंचा चुका है. गैस संकट ने न सिर्फ होटल उद्योग को झकझोर दिया है, बल्कि हजारों लोगों की रोजी-रोटी पर भी संकट खड़ा कर दिया है. यदि जल्द ही सप्लाई सामान्य नहीं हुई, तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.