शेखपुरा: बिहार के शेखपुरा जिले में यूपीएससी परीक्षा पास करने के फर्जी दावे का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। महुली थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव निवासी रंजीत कुमार ने बुधवार को गांव के लोगों के बीच दावा किया कि उसने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर ली है और उसे ऑल इंडिया रैंक 440 प्राप्त हुई है। युवक के इस दावे के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में यह खबर तेजी से फैल गई। बड़ी संख्या में लोग उसे बधाई देने उसके घर पहुंचने लगे और उसके परिवार को भी शुभकामनाएं दी गईं।

सम्मान समारोह और सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
खबर फैलने के बाद शेखपुरा के पूर्व विधायक विजय कुमार भी फतेहपुर गांव पहुंचे और रंजीत कुमार को सूटकेस तथा फूल-मालाओं से सम्मानित किया। इस दौरान कई लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिससे यह खबर और तेजी से फैलने लगी। हालांकि उसी समय बनाए गए वीडियो में रंजीत कुमार के हावभाव और उसके जवाबों को लेकर कुछ लोगों को संदेह भी होने लगा था। यह वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

जांच में सामने आया सच
बाद में जांच-पड़ताल के दौरान पता चला कि यूपीएससी परीक्षा में 440वीं रैंक कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर निवासी रंजीथ कुमार को मिली है। यह जानकारी सामने आने के बाद पूरा मामला स्पष्ट हो गया और रंजीत कुमार का दावा पूरी तरह फर्जी साबित हुआ। सच सामने आने के बाद गांव में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बन गया।
मामला उजागर होने के बाद युवक फरार
फर्जी दावा उजागर होने के बाद रंजीत कुमार घर छोड़कर दिल्ली फरार हो गया। फिलहाल उसके परिवार और गांव के लोग इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से बच रहे हैं। वहीं दूसरी ओर रंजीत कुमार को सम्मानित करने से जुड़ी पोस्ट पूर्व विधायक विजय कुमार ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से हटा ली है।

यूपीएससी परिणाम के आधार पर किया गया था दावा
उल्लेखनीय है कि संघ लोक सेवा आयोग ने 6 मार्च को सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम जारी किया था। इस परीक्षा में कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर निवासी रंजीथ कुमार को ऑल इंडिया रैंक 440 प्राप्त हुई थी। इसी परिणाम के आधार पर शेखपुरा के रंजीत कुमार ने अपने नाम से यूपीएससी पास करने का दावा कर लोगों को गुमराह किया। अब सच सामने आने के बाद यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।



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