बिहार : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच यूएई के अबूधाबी शहर में मिसाइल हमले के दौरान मुजफ्फरपुर के मझौलिया गांव के एक युवक बाल-बाल बच गए। युवक मोहम्मद मुसीम अपने कैंप में ही थे, तभी मिसाइल गिरी। धमाके के तुरंत बाद मुसीम और उनके साथी अपने-अपने कैंप से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। मुसीम दो महीने पहले ही अबूधाबी आए थे और वहीं एक पेट्रोजेट कंपनी में पाइप फिटर की नौकरी कर रहे थे।

मिसाइल हमले का अनुभव
मोहम्मद मुसीम ने बताया कि धमाका उनके बेस कैंप से महज 200 मीटर की दूरी पर हुआ। अचानक जोरदार धमाके से जमीन तक हिल गई और कैंप में अफरा-तफरी मच गई। सभी लोग बाहर भागे। मुसीम ने कहा कि ऐसे हालात में रहना बेहद मुश्किल है और अब कंपनी उन्हें अपने देश भेज दे तो वह लौटने के लिए तैयार हैं।

घटना का समय और अलर्ट
मुसीम के अनुसार शनिवार रात 9 बजकर 5 मिनट पर उनके मोबाइल पर मिसाइल हमले का अलर्ट आया। उन्होंने कहा कि हम समझ ही नहीं पाए कि क्या हो रहा है। ठीक चार मिनट बाद 9 बजकर 9 मिनट पर एक जोरदार धमाका हुआ। धमाके की आवाज सुनते ही पूरे कैंप में भगदड़ मच गई। इस कैंप में करीब 20 हजार भारतीय काम कर रहे हैं और घटना के बाद हर चेहरे पर डर देखा गया।

घर वापसी की चिंता
मुसीम ने बताया कि इस घटना के बाद से ही वतन वापसी की चिंता उन्हें सता रही है। परिवार से लगातार संपर्क बना हुआ है और घर वाले भी उन्हें वापस बुला रहे हैं। मुसीम घर के सबसे बड़े बेटे हैं और परिवार की जिम्मेदारियों के कारण ही उन्होंने खाड़ी देशों में काम करने का फैसला किया।




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