कटिहार: बिहार के कटिहार जिले में कुर्सेला हाट बाजार में भीषण आग ने तबाही मचा दी. रविवार 15 फरवरी की शाम करीब 7:30 बजे एनएच-31 किनारे स्थित इस हाट में अचानक लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया. अनुमान लगाया जा रहा है कि 150 से 250 तक दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं. आग की लपटें कई फीट ऊंची उठ रही थीं और धुआं दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था.

कैसे लगी आग?
आग की शुरुआत कुर्सेला दुर्गा मंदिर के पास से बताई जा रही है, जहां कपड़ा, किराना, प्लास्टिक, मसाले और लकड़ी की दुकानें मौजूद हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक होटल में गैस सिलेंडर विस्फोट या शॉर्ट सर्किट से आग लगी, जिसके बाद यह पूरे बाजार में भड़क गई. तेज हवाओं ने स्थिति को और भयावह बना दिया, जिससे दुकानदारों को सामान बचाने का मौका भी नहीं मिला.

दुकानदारों में अफरा-तफरी का माहौल
आग लगते ही बाजार में चीख-पुकार मच गई. दुकानदार अपने दुकानों से सामान निकालने की कोशिश में जुट गए, लेकिन कई जगहों पर लपटें इतनी तेज थी कि लोग बेबस होकर सब कुछ जलते देखते रह गए. हाट में मौजूद कपड़ा और प्लास्टिक की दुकानों ने आग को और भड़का दिया.

करोड़ों रुपये का नुकसान
प्रारंभिक आकलन में इस भीषण अग्निकांड से 6-10 करोड़ रुपये तक का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है. सैकड़ों दुकानदारों की पूरी कमाई और स्टॉक जलकर राख हो गया.
लोगों में प्रशासन के प्रति आक्रोश
स्थानीय निवासियों और दुकानदारों ने दमकल की कथित देरी पर खुलकर नाराजगी जताई. कई लोगों ने प्रशासन के खिलाफ गुस्सा व्यक्त किया और बेहतर सुविधाओं की मांग की. विधायक विजय सिंह निषाद ने भी घटना पर चिंता जताते हुए डीएम से बात की और राहत कार्यों के निर्देश दिए.

आग लगने के कारणों की जांच जारी
अभी तक आग लगने का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है. प्रारंभिक जांच में गैस सिलेंडर विस्फोट या शॉर्ट सर्किट को मुख्य वजह माना जा रहा है. प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है. बाजार में सुरक्षा मानकों की कमी पर भी सवाल उठ रहे हैं.
दमकल विभाग की चुनौतीपूर्ण कार्रवाई
सूचना मिलते ही स्थानीय दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग की तीव्रता के कारण शुरुआत में काबू नहीं पाया जा सका. लोगों का आरोप है कि दमकल पहुंचने में देरी हुई, जिससे नुकसान बढ़ गया. जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि आग की गंभीरता को देखते हुए नवगछिया और भागलपुर से अतिरिक्त दमकल वाहन मंगवाए गए. कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर कुछ हद तक नियंत्रण पाया गया, लेकिन पूरी तरह बुझने में समय लगा.



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