पटना: बिहार के पटना में चोरों का आतंक बढ़ गया है. घरों में चोरी के साथ-साथ अब सार्वजनिक संपत्तियों को निशाना बनाया जा रहा है. बाढ़ के गोवार धर्मपुर गांव में चोरों ने 60 खंभों से तार उतार लिए. जिस वजह से किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि टाल क्षेत्र होने के कारण बिजली की मदद से ही फसल की सिंचाई होती थी. पुलिस ने शिकायत के बाद छानबीन शुरू कर दी है.

60 खंभों से उतारे बिजली के तार
गोवार धर्मपुर गांव के लोगों ने बताया कि देर रात चोरों ने टाल में 60 बिजली के खंभे पर बिछाई गई तार की चोरी कर ली. सुबह जब लोग सिंचाई के लिए खेत आए तो देखा कि तार गायब है. चोरों ने करीब 4 किलोमीटर तक 60 खंभों पर बिछाए गए तार उतार लिए हैं.
आधी रात को तार उड़ा ले गए चोर
एक स्थानीय ने बताया कि रात 11 बजे तक लोग अपने खेतों में लगी प्याज की फसल की सिंचाई कर रहे थे. उसके बाद सभी लोग सोने के लिए घर चले गए. सुबह 5 बजे किसान वापस खेत पहुंचे तो उन्होंने देखा कि खंभे पर बिछाया गया तार नहीं है. मौके पर तार काटने की मशीन का डब्बा पड़ा हुआ है.

बिजली विभाग पर लगाया आरोप
ये भी बताया कि ट्रांसफार्मर से बिजली के तार में लाइन डायरेक्ट दिया हुआ था. ट्रांसफार्मर से लाइन नहीं काटा जा सकता था, इसके बावजूद भी शातिर चोरों ने चोरी कर ली. उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के जेई को ट्रांसफार्मर बनाने के लिए पहले भी कहा गया था लेकिन ट्रांसफार्मर नहीं बनाया गया है.
किसानों की बढ़ी चिंता
तार कटने और बिजली आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीण परेशान हैं. इनका कहना है कि टाल क्षेत्र में किसान हजारों बीघे में प्याज की खेती करते हैं. बिजली की मदद से फसल की सिंचाई करते हैं. ऐसे में अब उन्हें मजबूरन डीजल की मशीन से पटवन करना होगा.

देर की तो फसल बर्बाद हो जाएगी
किसान कहते हैं कि डीजल महंगा पड़ता है लेकिन क्या करें? अगर विभाग की ओर से तार लगाने का इंतजार करेंगे तो प्याज की फसल चौपट हो जाएगी. जब पहले की शिकायत के बाद भी ट्रांसफार्मर ठीक नहीं होता था तो अब शिकायत करने पर कहां तुरंत तार लगाए जाएंगे. वे कहते हैं कि इससे पहले यहां कई मोटर की चोरी हो चुकी है.

क्या बोले थानाध्यक्ष?
वहीं, तार चोरी की सूचना मिलने के बाद मौके पर डायल 112 की टीम पहुंची और बाढ़ थाना को बिजली तार के चोरी की जानकारी दी. घटना की सूचना मिलते ही बाढ़ थानाध्यक्ष ब्रजकिशोर सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया.



Leave a Reply