BIHARPATNASTATE

पप्पू यादव को मिल गयी जमानत लेकिन जेल में कटेगी रातें, जानें वजह

पटना: 31 साल पुराने गर्दनीबाग मामले में पप्पू यादव को बेल मिल गई है. हालांकि शनिवार को पटना के बुद्धा कॉलोनी थाने में सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में केस दर्ज किया गया था, इस मामले में कोर्ट से बेल नहीं मिली है. शुक्रवार को गिरफ्तारी के दौरान कार्यकर्ताओं और पप्पू यादव के द्वारा विरोध किया गया था. पुलिस ने BNS की धारा 132 के तहत केस दर्ज किया था.

6 फरवरी की रात गिरफ्तारी

6 फरवरी की रात पप्पू यादव की गिरफ्तारी हुई थी. पुलिस ने पटना के बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र स्थित आवास से 31 साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया था. इस दौरान समर्थकों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध जताया था, लेकिन पुलिस का कहना था कि पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत सांसद की गिरफ्तारी की गयी है.

‘पुलिस ने सिविल ड्रेस में गिरफ्तारी की’

बताया जा रहा है कि पप्पू यादव दिल्ली से पटना लौट रहे थे. इसी दौरान सिविल ड्रेस में कुछ अधिकारी और पुलिस टीम पप्पू यादव के आवास पहुंच गए थे. टीम ने वारंट दिखाते हुए गिरफ्तारी की बात कही. इस दौरान पप्पू यादव ने इसका विरोध किया, कहा कि शनिवार को वे स्वयं कोर्ट में पेश होंगे.

‘सरेंडर करने दिल्ली से पटना आए थे’

पप्पू यादव की मां शांति प्रिया ने भी आत्मसमर्पन की बात कही. कहा कि वे दिल्ली से पटना खुद को सरेंडर करने के लिए आए थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जबरन गिरफ्तार कर लिया. उनके साथ धक्का-मुक्की की गयी. खाना-पीना नहीं दिया गया, जिससे उनकी तबीयत खराब हो गयी. मां ने सरकार से रिहाई की मांग की है.

दो दिनों की हिरासत में भेजे गये थे सांसद

हालांकि शुक्रवार की रात पुलिस ने पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया. अगले दिन शनिवार को उन्हें पटना के सिविल कोर्ट (MP-MLA अदालत) में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिनों की हिरासत में बेउर जेल भेजा गया. जेल जाने से पहले पप्पू यादव की तबीयत खराब होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

क्या है मामला

दरअसल, यह मामला 1995 से जुड़ा है. पटना के गर्दनीबाग थाना में शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने केस दर्ज कर आरोप लगाया था कि पप्पू यादव ने धोखे से किराये पर उनका मकान लिया. निजी इस्तेमाल पर लिए गए मकान में राजनीतिक कार्यालय बना लिया.

शिकायतकर्ता के आरोप

शिकायतकर्ता ने आरोप में धोखाधड़ी, जालसाजी, घुसपैठ, आपराधिक षडयंत्र और धमकी बताकर केस दर्ज किया था. इस मामले में पुलिस ने आईपीसी धारा 419, 420, 468, 506, और 120बी के तहत मामला दर्ज किया, जिसका केस बीते 31 साल से चल रहा था.

सुनवाई में पेश नहीं होने पर कार्रवाई

यह मामला पटना के एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रहा था. कोर्ट की ओर से पप्पू यादव को कई बार पेश होने का आदेश दिया गया, लेकिन सांसद बार-बार सुनवाई में पेश नहीं हुए. इसके कारण गिरफ्तारी वारंट निकाला गया. पटना पुलिस के अनुसार इसी कारण सांसद की गिरफ्तारी की गयी है. कोर्ट ने कुर्की-जब्ती का भी आदेश दिया था.

साजिश के तहत गिरफ्तारी

गिरफ्तारी को पप्पू यादव और उनके समर्थक ने साजिश बताया है. कहा कि वे पटना में NEET छात्रा की मौत मामले को लेकर मुद्दा उठा रहे थे, इसके कारण उनके खिलाफ कार्रवाई की गयी. पप्पू यादव ने पूर्णिया हत्याकांड का भी जिक्र किया. कहा कि युवा व्यवसायी सूरज के हत्यारा की गिरफ्तारी नहीं करने वाली पुलिस पांच थानों की पुलिस लेकर मुझे गिरफ्तार किया.

‘1995 का मामला फर्जी’

पप्पू यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह भी आरोप लगाए कि 1995 का मामला फर्जी है. एक फर्जी मुकदमा के कारण पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है. सरकार की इस कार्रवाई की विपक्ष भी विरोध कर रही है.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.