पटना: पटना के फुलवारी में बाइक सवार अपराधी ने जेल से छूटे कुख्यात सुनील कुमार (30) की सिर में आठ गोलियां मारकर हत्या कर दी। घटना उफड़पूरा, विकास विहार कॉलोनी में ई। वह मूल रूप से नौबतपुर के समनपुरा दरिया गांव निवासी शिव पूजन प्रसाद उर्फ मोहन यादव का पुत्र था। सुनील वर्तमान में उफड़पूरा विकास विहार कॉलोनी में अपनी दूसरी पत्नी के साथ रहता था। सूचना पर थाना प्रभारी गुलाम शहबाज, डीएसपी सुशील कुमार और पटना पश्चिमी सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह मौके पर पहुंच मामले की जांच की।

प्रत्यक्षदर्शी जनरल स्टोर एक दुकानदार ने बताया कि सुनील कुमार उसकी दुकान पर सिगरेट और बिस्कुट खरीदने आया था। इसके बाद वह दुकान के बाहर खड़े होकर मोबाइल पर किसी से बात कर रहा था। इसी दौरान बाइक से एक युवक वहां पहुंचा, जिसका चेहरा रुमाल से ढका था। उसने भी एक सिगरेट मांगी। जैसे ही काउंटर के नीचे सिगरेट निकालने के लिए झुका, उसी वक्त बाइक सवार युवक ने पास खड़े सुनील कुमार पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

गोली लगते ही सुनील जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद भी उसने सुनील को आठ गोली मारकर सुनील की हत्या कर दी। वारदात के समय दुकान के पास एक बुजुर्ग भी बैठे थे। लेकिन फायरिंग से घबराकर वहां से भाग गए। घटना की सूचना मिलते ही फुलवारी पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर जांच की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को घटनास्थल से तीन खोखे बरामद हुए है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम और फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया।

दो शादी की थी
सुनील दूसरी पत्नी के साथ 12 वर्षों से रहता था। उसी के जमीन पर मकान भी बनाया था। सुनील कुमार चार भाइयों में मंझला था। उसकी दो शादियां हुई थीं। पहली पत्नी नौबतपुर में रहती है। सुनील दूसरी पत्नी के साथ विकास विहार कॉलोनी में रहता था।

हत्या, लूट समेत 12 मामलों में आरोपित था
सिटी एसपी पश्चिमी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि मृतक के खिलाफ नौबतपुर सहित पटना के विभिन्न थानों में डकैती, लूट, हत्या और शराब तस्करी से जुड़े 12 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे।

सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना कैद
घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी वारदात कैद है। सीसीटीवी फुटेज में नकाबपोश बाइक सवार एक अपराधी गोली चलाते दिख रहा है।
एम्स के सिक्योरिटी इंचार्ज पर गोलीबारी में गया था जेल
खगौल में एम्स के एक सिक्योरिटी इंचार्ज पर गोली चलाने के आरोप में सुनील जेल गया था। उसी कांड में वह एक माह पहले ही जेल से बाहर आया था। पुलिस प्रारंभिक जांच में आपसी रंजिश और बदले की भावना से जुड़ा मामला मान रही है।



Leave a Reply