पटना: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े चर्चित मामले में जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है. इस संबंध में बुधवार को पटना के जोनल आईजी, एसएसपी, सिटी एसपी पूर्वी तथा एसआईटी टीम ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर अब तक की जांच और कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी. पटना एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने माना कि पूरे मामले में चित्रगुप्त नगर थाने की SHO रोशनी कुमारी से लापरवाही हुई है.

‘SHO की लापरवाही’-SSP
एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने प्रेस वार्ता में बताया कि प्रारंभिक स्तर पर परिवार की ओर से एफआईआर दर्ज नहीं कराने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन प्रभात मेमोरियल अस्पताल से मिली सूचना के आधार पर मामला दर्ज किया गया. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि चित्रगुप्त नगर थाना की एसएचओ स्तर पर लापरवाही पाई गई है, जिसके कारण उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है.
घर लौटने के दौरान खरीदी थी दवा
एसडीपीओ-1 सचिवालय अनु कुमारी ने बताया कि अनुसंधान के क्रम में अस्पताल से लामा रिपोर्ट भी बरामद की गई है. सिटी एसपी पूर्वी के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया है कि पीड़िता जब अपनी मां और भाई के साथ घर लौट रही थी, तब अरवल मोड़ के पास एक दवा खरीदी गई थी, जिसका बाद में उपयोग किया गया था.

सबसे पहले परिवार ने दी जानकारी
अधिकारियों ने बताया कि मामले में दर्ज एफआईआर के आधार पर वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के साथ जांच आगे बढ़ाई गई है. सिटी एसपी पूर्वी परिचय कुमार ने बताया कि सबसे पहले पीड़िता के परिवार ने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी. इसके बाद विधिवत एफआईआर दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया.

CCTV फुटेज से छेड़छाड़ नहीं
जांच के दौरान हॉस्टल परिसर और संबंधित स्थानों की पूरी सीसीटीवी फुटेज एकत्र की गई, जिसे फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) से जांच के लिए भेजा गया. FSL रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई है कि सीसीटीवी फुटेज के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की गई है. पूर्वी एसपी परिचय कुमार ने कहा कि पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं.पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सीसीटीवी विश्लेषण से यह जानकारी मिली है कि पीड़िता पांच तारीख को अपने कमरे में गई थी. उस रात वह दो बार करीब दो-दो मिनट के लिए कमरे से बाहर निकली और फिर कमरा बंद हो गया, जिसे अगले दिन हॉस्टल के गार्ड द्वारा खोला गया. बयान और फोरेंसिक जांच से यह भी स्पष्ट हुआ है कि पीड़िता 27 तारीख से लेकर पांच तारीख को पटना आने तक अपने घर पर ही थी.

क्या है पूरा मामला?
जहानाबाद की रहने वाली छात्रा पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी. 6 जनवरी को अपने कमरे में बेहोश मिली. इलाज के दौरान 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई थी. मामले में अबतक कई बड़े खुलासे हो चुके हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार छात्रा के शरीर और निजी अंगों में चोट के निशान थे.




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