सीतामढ़ी जिले के बैरगनिया: इंडो-नेपाल बॉर्डर सील होने के कारण दो दिनों से दो दर्जन प्रवासी श्रमिक बैरगनिया बॉर्डर पर सड़क पर जिंदगी गुजार रहे है. गुरुवार को प्रखंड कार्याल के समीप सड़क पर मिले नेपाल के रौतहट जिले के गौर नगर पालिक वार्ड चार निवासी व पत्नी, बच्चों के साथ दिल्ली से लौटे संतोष गिरी, सीमा देवी, रुकेश कुमार गिरी, राकेश कुमार, विवेक कुमार गिरी ने बताया कि वे लोग दिल्ली में लोडिंग अनलोडिंग का काम करते थे. लॉक डाउन के कारण उनका काम बंद हो गया. अब उनके समीप भुखमरी की स्थिति उतपन्न हो गयी थी. बुधवार को वे लोग श्रमिक ट्रेन से सीतामढ़ी आये फिर वहां से बस से बैरगनिया पहुंच गए परन्तु बॉर्डर सील होने के कारण उन्हें नेपाल अपने घर नहीं जाने दिया जा रहा है. वे लोग भूखे प्यासे सड़क पर दिन गुजार रहे है. वही रौतहट जिले के सिरसिया वार्ड 09 निवासी मो कौसर, गरुडा के शेख जावेद, लक्ष्मीपुर के मो कैमुल्ला, हरिहर पुर के संतोष राम, मन्तोष राम, जयपुर पलटुआ के धर्मेंद्र राम, पोठियाही शंकर राम, सरुआठा के छोटेलाल शर्मा, गरुडा के राम बाबू साह, श्याम बाबू साह, जय किशन कुमार, राम बाबू , शेख जावेद ने बताया कि वे लोग यूपी के गाजियाबाद, मुम्बई, पंजाब आदि स्थानों से ट्रेन, बस व ट्रक से आये है.

वे लोग वहां दिहाड़ी मजदूर का काम करते थे. लॉक डाउन के कारण काम बंद हो जाने से वे लोग अपने घर लौटे है. परन्तु इन्हें यहां न क्वारेंटिन किया जा रहा है और नहीं नेपाल जाने दिया जा रहा है. इस बाबत पूछे जाने पर बीडीओ विजय कुमार मिश्र ने बताया कि नेपाल के सीमावर्ती प्रशासनिक पदाधिकारी से बात करके प्रवासी नेपाली श्रमिको को नेपाल भेजने का प्रयास किया जायेगा.
फोटो- बैरगनिया बॉर्डर पर फंसे प्रवासी नेपाली श्रमिक



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