रोहतास: गुरु-शिष्या की आपने कई कहानी सुनी और देखी होगी, लेकिन बिहार के रोहतास से ऐसा दृश्य सामने आया है, जिसे देखकर हर किसी की आंखे नम हो गई. दरअसल स्कूल से एक शिक्षिका का ट्रांसफर हो गया था. जिससे उन्हें विदाई दी जा रही थी. इसी बीच छात्राएं फूट-फूटकर रोने लगीं. शिक्षिका भी बच्चों से लिपट-लिपटकर रोने लगी.

शिक्षिका की विदाई पर खूब रोई छात्राएं
मामला अकोढी गोला प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय बलिगांव का है, जहां पूर्व प्रधानाध्यापिका एवं विशिष्ट शिक्षिका संगीता कुमारी की विदाई की खबर जानकर बच्चे -बच्चियां और रसोईया लिपट-लिपटकर रोने लगे. उन्हें रोते देखकर सहकर्मी शिक्षक- शिक्षिकाओं की भी आंखें नम हो गई.

पूरे विद्यालय की चहेती थी शिक्षिका
शिक्षिका संगीता कुमारी के सादगीपूर्ण व्यवहार, सरलता और कार्य कुशलता का पूरा विद्यालय परिवार कायल था. बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ उनसे आत्मीय संबंधों ने गुरु -शिष्य के रिश्ते को और मजबूत कर रखा था.

शिक्षिका संगीता का हुआ है ट्रांसफर
बता दें कि कि प्रभारी प्रधानाध्यापक के पद पर रहते हुए संगीता कुमारी ने मध्य विद्यालय बलिगांव की व्यवस्था में बहुत परिवर्तन कराया था. विद्यालय हित में कड़े फैसल लेने के कारण वे ‘डॉटर ऑफ मल्लाह’ उपनाम से प्रसिद्ध हैं. उनका स्थानांतरण मध्य विद्यालय धरहरा में किया गया है.

छात्राओं का कहना है कि संगीता मैडम हमें अपने बच्चों की तरह प्यार करती थी. कभी भी वह किसी बात के लिए डांट-फटकार नहीं लगाती थी. अगर कभी होमवर्क करके नहीं लाते थे, तो वो बहुत प्यार से समझाती थीं.







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