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बिहार के मतदाता ध्यान दें! वोटर लिस्ट का हो रहा है पुनरीक्षण, साबित करनी होगी पहचान अन्यथा कट जाएगा वोटर लिस्ट से नाम

बिहार विधानसभा चुनाव के ऐलान के पहले निर्वाचन आयोग द्वारा राज्य वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू किया गया है. 22 साल बाद हो रहे वोटर लिस्ट के एसआईआर का मकसद फर्जी मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट से हटाना और नए मतदाताओं का नाम जोड़ना है.

साथ ही वोटर लिस्ट की त्रुटियों को दूर कर इसे पारदर्शी तरीके से वैध मतदाताओं की सूची तैयार करना है. एसआईआर के लिए बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) द्वारा सभी मतदाताओं के वैध दस्तावेजों की जांच की जाएगी.

फिर सत्यापन कर वोटर लिस्ट को अपडेट किया जाएगा. आखिरी बार वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण का काम साल 2003 में हुआ था. ऐसे में 22 साल बाद अब मतदाताओं को एक बार फिर से अपने सत्यापन के लिए कुछ दस्तावेजों की जरूरत को दिखाना होगा.

चुनाव आयोग ने जारी किया गाइडलाइन 

बीएलओ आगामी 27 जुलाई तक मतदाताओं का सत्यापन करेंगे. विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान हर वोटर को एक फॉर्म भरना होगा. यह फॉर्म बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं को उपलब्ध कराया जाएगा.

इस दस्तावेज को भरकर वोटर को बीएलओ को उसे देना होगा. वहीं अगर वोटर चाहें तो इसे निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर भी अपलोड कर सकते हैं. यह सुविधा ऑनलाइन होगी और निःशुल्क होगी.

1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे लोगों के लिए

जिन मतदाताओं का जन्म 1 जुलाई 1987 से पहले भारत में हुआ है, उन्हें अपनी जन्म तिथि या स्थान की सत्यता स्थापित करने के लिए कोई एक वैध दस्तावेज उस फॉर्म के साथ देना होगा. जैसे जन्म प्रमाणपत्र से जुड़ा कोई दस्तावेज इसमें शामिल किया जा सकता है.

1987 से 2004 के बीच जन्म हुआ है तो

जिन मतदाताओं का जन्म 1 जुलाई 1987 से लेकर 2 दिसंबर 2004 के बीच भारत में हुआ है, तो उन्हें अपने साथ-साथ अपने माता-पिता में से किसी एक का वैध दस्तावेज भी देना होगा.

2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे युवा मतदाताओं के लिए

इसी तरह, 2 दिसंबर 2004 के बाद भारत में जन्मे मतदाताओं को अपना और अपने माता-पिता का वैध दस्तावेज फॉर्म के साथ देना होगा. अगर माता-पिता में से कोई भी भारतीय नहीं है, तो उन्हें अपने जन्म के समय का अपने माता-पिता के वैध पासपोर्ट और वीजा की सेल्फ अटेस्टेड प्रति देनी होगी.

कौन से दस्तावेज दे सकते हैं

1. कोई भी पहचान पत्र या केंद्र/राज्य सरकार के नियमित कर्मचारियों अथवा पेंशनभोगियों को मिलने वाला पेंशन भुगतान आदेश

2. 1 जुलाई 1987 से पहले जारी कोई भी पहचान पत्र/प्रमाण पत्र/सरकार, स्थानीय निकाय, बैंक, पोस्ट ऑफिस, एलआईसी या पीएसयू द्वारा जारी कोई भी दस्तावेज

3. जन्म प्रमाण पत्र

4. पासपोर्ट

5. मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या बोर्ड द्वारा जारी शैक्षणिक प्रमाण पत्र या मैट्रिक का सर्टिफिकेट

6. राज्य सरकार की किसी संस्था द्वारा जारी मूल निवास प्रमाण पत्र

7. ओबीसी, एससी या एसटी का जाति प्रमाण पत्र

8. वन अधिकार प्रमाण पत्र

9. राज्य सरकार या स्थानीय निकाय का फैमिली रजिस्टर

10. सरकार द्वारा जारी किसी जमीन या घर का प्रमाण पत्र

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