मुजफ्फरपुर के पानी टंकी चौक स्थित किलकारी बाल भवन में सुरंगमा कला केंद्र की निर्देशिका डॉ. पुष्पा प्रसाद द्वारा एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया।


जिसमें उन्होंने 8 से 16 वर्ष की आयु के बच्चों को क्लासिकल कला का गुरु मंत्र देकर उनकी रचनात्मक प्रतिभा को निखारने का मार्ग प्रशस्त किया।


वहीं किलकारी की निर्देशिका पूनम के कुशल नेतृत्व में बच्चों ने नृत्य, गायन, कला और शिल्प जैसी विविध प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।



इस दौरान डॉ. पुष्पा ने बच्चों के अनुशासन, समर्पण और रचनात्मकता की जमकर सराहना की और कहा कि किलकारी बाल भवन बच्चों के समग्र विकास के लिए एक अनूठा मंच प्रदान कर रहा है, जहाँ मात्र 10 रुपये में कला, कराटे, लेखन, कंप्यूटर और अन्य गतिविधियों के माध्यम से बच्चों का आत्मविश्वास और दिमागीपन बढ़ाया जा रहा है।


उन्होंने किलकारी के इस प्रयास को एक प्रेरणादायक सरकारी पहल बताया, जो बच्चों को पाठ्यपुस्तकों से परे सोचने और अपनी प्रतिभा को उजागर करने का अवसर देता है।

इस अवसर पर डॉ. पुष्पा और पूनम ने कई होनहार युवा कलाकारों को सम्मानित किया, जिससे बच्चों में उत्साह और जोश का संचार हुआ।

आगे पूनम जी ने कहा कि डॉ. पुष्पा का मार्गदर्शन किलकारी के लिए सौभाग्य की बात है और सुरंगमा कला केंद्र के साथ मिलकर वे बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए और बेहतर कार्य करेंगी।

यह आयोजन न केवल बच्चों की रचनात्मकता को बढ़ावा देने वाला था, बल्कि किलकारी बाल भवन को कला और संस्कृति के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित करने वाला सिद्ध हुआ।




Leave a Reply