पटना : मुजफ्फरपुर में मासूम के साथ बलात्कार की घटना हुई थी. उसके बाद इलाज के दौरान बच्ची ने पीएमसीएच में दम तोड़ दिया.

आरोप है कि पीड़िता का इलाज ठीक तरीके से पीएमसीएच में नहीं हुआ, जिसके चलते मासूम ने दम तोड़ दिया. घटना को लेकर भाजपा से एक नेता ने इस्तीफा भी दे दिया है.

संजय जायसवाल ने जताई थी चिंता
दरअसल, भारतीय जनता पार्टी के नेता असित नाथ तिवारी ने घटना को लेकर सोशल मीडिया साइट पर पोस्ट किया था. असित नाथ तिवारी ने भाजपा सांसद संजय जायसवाल के पोस्ट को भी साझा किया था.

दबाव बढ़ने के बाद संजय जायसवाल ने पोस्ट को डिलीट कर दिया, लेकिन असित नाथ पोस्ट को डिलीट नहीं करने पर अड़े थे. जिसके बाद पार्टी की ओर से उनपर दबाव बनाया जाने लगा.

भाजपा नेता ने पार्टी से दिया इस्तीफा
मुजफ्फरपुर की घटना से आहत होकर आखिरकार असित नाथ तिवारी ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस का दामन थाम लिया. असित नाथ तिवारी ने कहा कि भाजपा बेहद संवेदनशील पार्टी है.

पार्टी का एक सामान्य नेता भी पीएमसीएच में अगर फोन कर दिया होता तो उस बच्ची की जान बच सकती थी. तमाम नेता फेसबुक और व्हाट्सएप चलाने में व्यस्त थे किसी ने बच्ची को लेकर पहल नहीं की.

कांग्रेस ने की न्यायिक जांच की मांग
इधर, बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने राज्य सरकार पर हमला बोला. राजेश राम ने कहा कि सरकार ने जो घोषणा की है वह दिखावा मात्र है.

मैं बिहार सरकार से मांग करता हूं कि पूरे घटनाक्रम की न्यायिक जांच कराई जाए. अगर न्यायिक जांच संभव ना हो तो विधानसभा की सर्वदलीय समिति बनाई जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए.

दुष्कर्म और हत्या का मामला
बता दें कि 26 मई को मुजफ्फरपुर में 9 साल की दलित नाबालिंग लड़की से बलात्कार हुआ था. आरोपी ने उसके गर्दन और पेट पर चाकू से कई बार वार किया था.

जिसके एक सप्ताह बाद बच्ची की जान चली गई. पीड़िता की मां ने आरोप लगाया था कि जब वह बेटी को एमकेएमसीएच से पीएमसीएच ले गई तो वहां 3-4 घंटे तक उसे बेड नहीं मिला. एंबुलेंस में हालत ज्यादा बिगड़ गई जिसके कारण मौत हो गई.


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