BIHARPATNASTATE

पटना म्यूजियम में भीषण धमाका, दीवारों में दरार, दरवाजा चकनाचूर, मची अफरातफरी

पटना के पुराने म्यूजियम में गुरुवार को भीषण धमाका होने से अफरातफरी मच गई. धमाका इतना जोरदार था कि दीवारों में दरार आ गई जबकि शीशे के दरवाजे भी चकनाचूर हो गए. धमाका इतना जोरदार था कि उसकी आवाज आसपास के इलाके में काफी दूर तक गूंजी. शुरूआती जानकारी के अनुसार धमाका यहां रखे पुराने अग्निशमन के सिलेंडरों में हुआ. इसका प्रभाव काफी ज्यादा रहा जिससे इसकी जद में आने वाली दीवार और दरवाजे क्षतिग्रस्त हुए.

सचिवालय थानाक्षेत्र के पीछे स्थित पुराने पटना म्यूजियम में कई तरह के निर्माण कार्य गतिमान हैं. यहीं म्यूजियम के अंदर ही फायर एक्सटिंग्विशर फटने से तेज धमाका हुआ है. धमाके के बाद पूरे कैंपस में धुआं फैल गया जिससे इसकी भयावहता काफी व्यापक दिखी.

बताया जा रहा है कि फायर एक्सटिंग्विशर मशीन काफी लम्बे समय से यहाँ बिना काम के पड़ी हुई थी. इनका नियमित मेंटेनेंस का ख्याल नहीं रखा गया जिस कारण अब धमाका हुआ है. जिन फायर एक्सटिंग्विशर में धमाका हुआ वे धुप में रखे गए थे. बिना डिफ्यूज किए ही इन्हें धूप में रखने से यह धमाका हुआ.

वहीं अग्निशमन विभाग के कमांडेंट मनोज नट ने बताया है कि फिलहाल कोई जानमाल की क्षति नहीं हुई है. 10 से बारह अग्नि सुरक्षा सिलेंडरों को खाली कराया जा रहा है.

100 साल पुराना इतिहास

पटना म्यूजियम का निर्माण 1917 में अंग्रेजी शासन के समय हुआ था ताकि पटना और आसपास पाई गई ऐतिहासिक वस्तुओं को संग्रहित किया जा सके। स्थानीय लोग इसे ‘जादू घर’ कहते हैं। मुगल-राजपूत वास्तुशैली में निर्मित पटना संग्रहालय को बिहार की बौद्धिक समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। भवन के केंद्र पर आकर्षक छतरी, चारों कोनों पर गुंबद और झरोखा शैली की खिड़कियां इसकी विशिष्टताएं हैं। प्राचीन भारत युग से 1764 तक कलाकृतियों को बिहार संग्रहालय में रखा गया है और 1764 के बाद के अवयव पटना संग्रहालय में रखे जाते हैं।

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.