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दाखिल खारिज में अवैध कमाई करनेवाले सीओ को सरकार ने किया निलंबित, विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश

दाखिल खारिज के एवज में अपने और अपने रिश्तेदार के खाते में रुपए जमा करानेवाले अररिया जिले के रानीगंज अंचलाधिकारी(सीओ) प्रियवत कुमा को निलंबित कर दिया गया है। उन्हें निलंबित करने का आदेश राजस्व एवं भूम सुधार मंत्री संजय सारावगी ने दिया। इसके साथ ही मंत्री संजय सारावगी ने सख्ती दिखाते हुए निलंबित सीओ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने का भी आदेश दिया है।

मंत्री सरावगी ने बताया कि रानीगंज अररिया के अंचल अधिकारी प्रियव्रत कुमार के विरूद्ध प्राप्त परिवाद पत्रों में उनके विरूद्ध अपने पद का दुरूपयोग करने, सरकारी काम यथा दाखिल-खारिज की स्वीकृति/अस्वीकृति के एवज में स्वयं के एवं अपने परिचित अनुनय कुमार के एसबीआई के बचत खाते में अवैध रूप से पक्ष अथवा विपक्ष से राशि प्राप्त करने जैसी शिकायतें मिली थीं।

मंत्री ने बताया कि सीओ के विरूद्ध प्रतिवेदित उक्त गंभीर आरोपों की प्राथमिक जांच के बाद अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा इन्हें निलंबित करने का निर्णय लिया गया है।

परिवादी ने अपने आवेदन में 2,75,000/- (दो लाख पचहत्तर हजार) रुपये की राशि अंचल अधिकारी प्रियव्रत कुमार के एवं 2,00,000/- (दो लाख) रुपये की राशि अनुनय कुमार के खाते में जमा किये जाने संबंधी साक्ष्य संलग्न किए।

अररिया समाहर्त्ता से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर विभागीय पत्र जारी कर जिला स्तर पर त्रिस्तरीय जाँच समिति से रिपोर्ट मांगी गई। इस जांच के दौरान बैंक जमा पर्ची के संबंध में अंचलाधिकारी ने उक्त राशि को सेल्फ डिपॉजिट बताया, जबकि विभागीय पोर्टल पर पाया गया कि सीओ की ओर से दाखिल वित्तीय वर्ष 2024-25 की संपत्ति विवरणी में उनकी ओर से ऐसी किसी राशि का जिक्र नहीं किया गया और न ही ऐसी संपत्ति घोषित की गई थी, जिससे उन्हें नगद राशि की प्राप्ति हो सके। इससे उनका उक्त राशि सेल्फ डिपॉजिट बताना संदेहास्पद माना गया।

पूर्णिया प्रमंडल मुख्यालय अटैच किया गया

अंचलाधिकारी प्रियव्रत कुमार को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम-9 (1) के प्रावधानों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलम्बन अवधि के लिए उक्त अंचलाधिकारी का मुख्यालय आयुक्त का कार्यालय पूर्णिया प्रमण्डल निर्धारित किया गया है।

 

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