कांग्रेस के युवा नेता कन्हैया कुमार इन दिनों बिहार में ‘पलायन रोको नौकरी दो’ यात्रा पर निकले हुए हैं. वह लगातार अलग-अलग जिलों में जाकर पलायन और नौकरी को लेकर नीतीश सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं. उनको लोगों का खूब समर्थन मिल रहा है लेकिन अब उनका विरोध भी शुरू हो गया है. मंगलवार को वह सहरसा में जिस मंदिर में गए थे, उस मंदिर प्रांगन को बुधवार को स्थानीय युवाओं ने गंगाजल से धोया है.

यात्रा पर निकले कन्हैया का विरोध शुरू: असल में मंगलवार को सहरसा के वनगांव के भगवती स्थान स्थित दुर्गा मंदिर में कन्हैया कुमार का कार्यक्रम हुआ था. जहां उन्होंने नुक्कड़ सभा को संबोधित किया. उनको सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग आए थे लेकिन उनके जाते ही स्थानीय युवाओं ने विरोध शुरू कर दिया.

कन्हैया के जाने के बाद मंदिर को गंगाजल से धोया: बुधवार को स्थानीय युवकों ने न केवल भाषण स्थल को गंगाजल से धोया, बल्कि मंदिर प्रांगण को भी धोया. नगर पंचायत वनगांव के वार्ड पार्षद प्रतिनिधि अमित चौधरी के नेतृत्व में कई स्थानीय युवाओं ने मिलकर मंदिर प्रांगन को धोया.

इन युवाओं का कहना है कि कन्हैया कुमार पर पहले देशद्रोह का आरोप लग चुका है. अबतक उनके ऊपर से आरोप हटा भी नहीं है. इसके अलावे वह लगातार देश और धार्मिक मुद्दों को लेकर विवादित बयान देते रहे हैं.

16 मार्च से बिहार में कन्हैया की यात्रा: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस राज्य में ‘पलायन रोको-नौकरी दो’ यात्रा पर निकले हुए हैं. 16 मार्च को पश्चिम चंपारण के भीतिहरवा गांधी आश्रम से इसकी शुरुआत हुई है. इसकी अगुवाई राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले कन्हैया कुमार कर रहे हैं.

प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु, प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार राम और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह समेत बिहार कांग्रेस के तमाम बड़े चेहरे इस यात्रा में शामिल हो रहे हैं. एनएसयूआई और आईवीसी के कार्यकर्ताओं की भी मौजूदगी देखी जा रही है.



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