बिहार विधानसभा में आज तेजस्वी यादव जमकर बरसे। तेजस्वी यादव ने सदन कई बातों को लेकर नीतीश सरकार को घेरा। इसी दौरान तेजस्वी ने सभी अंचालाधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जब उनकी सरकार आएगी तो यही सारे अधिकारी बैठकर नहीं बल्कि खड़े होकर काम करेंगे। तेजस्वी यादव ने सदन में सीएम नीतीश औऱ उनके अधिकारियों पर सवाल खड़ा किए।

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार चाहे महागठबंधन के साथ मिलकर सरकार चलाएं या फिर एनडीए के साथ मिलकर सरकार चलाएं। लेकिन जो सीओ है वो किसी की नहीं सुनते हैं। सारे सीओ सीएम आवास से हैंडल होते हैं।

भ्रष्टाचार पर तेजस्वी का प्रहार
सदन में तेजस्वी ने कहा कि सीओ किसी अधिकारी की नहीं सुनते क्योंकि वो सीएम आवास के हैंडल होते हैं। तेजस्वी ने कहा कि, 2008 से अब तक दाखिल खारिज जमाबंदी सहित कुल 1 करोड़ वाद दायर किए गए जिसमें से 55 लाख वाद को रिजेक्ट कर दिया गया। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि अभी भी रिश्वत नहीं देने के कारण 2 लाख वाद कई जिलों में लंबित है। सीओ इतने आउट ऑफ कंट्रोल हो गए हैं कि डीएम की भी नहीं सुनते हैं।

सीओ किसी की नहीं सुनते
उन्होंने कहा कि, सीओ सुनेंगे भी क्यों उनका ट्रांसफर पोस्टिंग तो सीधे सीएम आवास से होता है। मतलब एक सीएम का ही कार्यालय इमानदार है। बाकि सब मंत्री और विभाग बेइमान हैं। तेजस्वी ने कहा कि रामसूरत राय मंत्री थे, आलोक मेहता मंत्री रहे, दिलीप जायसवाल मंत्री रहे, इन लोगों ने जितना ट्रांसफर पोस्टिंग किया सभी को सीएम आवास से रोक दिया गया। तेजस्वी ने पूछा कि सीओ फिर काहे ला सुनेगा, उसका तो सीधे सीएम आउस से नाता है। बाकी सब भ्रष्ट्राचारी हैं बस सीएम ही अच्छे हैं। सीएम के जो चुनिंदा अधिकारी हैं रिटायर्ड वही लोग बस सुधरे हुए हैं। वहीं लोग बस हरिशचंद्र हैं बाकि राजद का हो या बीजेपी का सब भ्रष्ट है।

हमारी सरकार आई तो…
तेजस्वी ने सभी सदस्यों से पूछा कि आप ही बताए कि सीओ ऑफिस में भ्रष्टाचार हो रहा कि नहीं हो रहा है। बिना रिश्वत लिए सीओ ऑफिस में कोई काम नहीं होता है। तेजस्वी ने कहा कि, हम सबको आश्वत करत हैं कि जब हमारी सरकार आएगी तो यही अधिकारी बैठकर नहीं खड़े होकर बिना रिश्वत लिए आम जनता का काम करेंगे। अरे जिस शासक का इकबाल खत्म हो जाए तब उसकी आदेश तो चौकीदार भी नहीं सुनता है। मुख्यमंत्री का इकबाल खत्म हो गया है।



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